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सोंदहद और बंचारी में लगा फुलडोर मेला

Sat, 26 Mar 2016 11:19 PM IST
ब्यूराो अमर उजाला
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mela - फोटो : amarujala
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बृज क्षेत्र के गांव सोंदहद व बंचारी में शुक्रवार को फुलडोर मेले का आयोजन किया गया। मेले का समापन देर रात तक चली होली की चौपाइयों व रागिनियों से हुआ।
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मेले के आयोजन को लेकर ग्रामीण लगभग एक महीना पहले से ही तैयारियां शुरू कर देते हैं।

मेला देखने के लिए दूरदराज से आने वाले मेहमानों का पिचकारियों में भरे रंग-बिरंगे पानी व गुलाल से स्वागत किया जाता है। वहीं अनेक प्रकार के व्यंजनों के साथ दावत भी दी जाती है। मेले के आयोजन से पहले सरपंच की ओर से गांव में मुनादी कराकर मेले में शांति बनाए रखने की अपील भी की जाती है।

दुल्हैंडी के अगले दिन लगने वाले मेले को लेकर ग्रामीण सुबह से ही चौपालों व आसपास के मकानों की छतों पर कब्जा जमा लेते हैं। जहां पुरुष चौपाइयों के माध्यम से महिलाओं को नाचने गाने के लिए प्रेरित करते हैं, वहीं महिलाएं भी बृज के रसिया गाकर होली का लुत्फ उठाती हैं। ग्रामीण पिचकारी लेकर गांव की गलियों में से होते हुए एक चौपाल से दूसरी चौपाल पर पहुंचते हैं और वहां जमकर रंग बरसाते हैं।
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गांव सोंदहद के सरपंच रामजीत, सत्यभान शर्मा, जीतन सौरोत और सुनील शर्मा ने बताया कि गांव में मेले का आरंभ गांव की पक्की चौपाल से किया जाता है। चौपालों पर रंग बरसाने के बाद मेले का समापन गांव के बाहर नत्थी वाली चौपाल पर किया जाता है। सरपंच ने बताया कि गांव की लगभग दो दर्जन चौपालों पर रंग बरसाया जाता है।
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उन्होंने बताया कि इस मेले का खर्च पंचायत में से वहन किया जाता है। मेले के दौरान दोनों गांवों के हुरियारे पीतल व स्टील की बड़ी पिचकारियों का इस्तेमाल करते हुए एक दूसरे पर रंग के पानी की बरसात करते हैं। दोनों गांवों में देर सांय गांव की चौपालों पर चौपाइयों का आयोजन किया जाता है। बंचारी के सरपंच महेंद्र, सुनील सौरोत, दिनेश सौरोत व रज्जन ने बताया कि मेले का शुभारंभ प्रसिद्ध दाऊजी मंदिर से किया जाता है।
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