सड़क हादसों पर लगेगी रोक, पूरे जिले में कोई मुख्य रेड लाइट नहीं कर रही है काम
चार करोड़ के चालान में नहीं है रेड लाइट के चालानों की गिनती
मोहित शुक्ला
नूंह। मेवात जिले में आए दिन हो रहे सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। जिले में फिलहाल कोई मुख्य रेड लाइट काम नहीं कर रही है लेकिन आने वाले एक से दो माह में जिले में चार रेड लाइट चालू कर दी जाएंगी। मंगलवार को विभाग ने इसके कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मेवात जिले के चार मुख्य चौराहों पर रेड लाइट लगाने के लिए विभाग ने प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। तावडू-होडल-सोहना जाने वाले नेशनल हाईवे 248 के अडबर चौक पर लगाई जाएंगी। वहीं, दूसरी रेड लाइट पलवल से नूंह की तरफ आने वाले स्टेट हाइवे पर नूंह में प्रवेश करते ही लगाई जाएगी। इसके अलावा नूंह शहर से मेडिकल कॉलेज रोड की तरफ जाने वाले मुख्य चौराहे पर भी रेड लाइट लगानी है। यह चौराहा नूंह शहर के साथ दिल्ली-पलवल रोड को भी मेडिकल जाने वाले रास्ते से जोड़ता है। साथ ही नूंह कोर्ट परिसर व डीसी ऑफिस से बाहर निकलने वाले रास्ते पर भी एक रेड लाइट लगाने का प्रस्ताव पास हुआ है।
जानकारी के अनुसार जिले में इस समय कोई भी मुख्य रेड लाइट काम नहीं कर रही है। तावडू के पटौदी चौराहे पर व नूंह तावडू रोड पर लगी रेड लाइट लंबे समय से नहीं चल रही है। इसके कारण यहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। नगर पालिका की तरफ से अब जिले में चार रेड लाइट लगाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि रेड लाइट चालू होने के बाद पुलिस भी अपनी ड्यूटी करेगी व इससे सड़क हादसों पर रोक लगेगी।
नूंह-तावडू रोड पर अक्सर लगा रहता है जाम
नूंह से तावडू की तरफ जाने वाले मार्ग के चौराहे पर आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है लेकिन पुलिस के अधिकारी इसपर ध्यान नहीं देते। दिखाने के लिए पुलिस की तरफ से वहां पर चौकी बनाई गई है लेकिन उसका जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं देता। सड़क पर पूरे दिन बड़े वाहनों के कारण आम लोगों को परेशानी होती है लेकिन अधिकारी इसपर ध्यान नहीं देते।
सड़क हादसों में 180 लोगों की जा चुकी है जान
मेवात में आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इस साल में जिले में करीब 400 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमे 180 के करीब लोगों की जान जा चुकी है। लोगों को उम्मीद है कि रेड लाइट चालू होने के बाद हादसों पर रोक लगेगी। आंकड़ों की माने तो हर माह 18 लोगों की जान सड़क हादसों में चली जाती है। रेड लाइट लगने के बाद अगर पुलिस इसका पालन सही से करवाती है तो इन आंकड़ों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
चार करोड़ के चालान में नहीं दिखे रेड लाइट के चालान
पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी में रॉन्ग पार्किंग के 9540, बिना हेलमेट 43,325, लेन चेंज 56,966 एवं अंडर ऐज के 119 चालन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अवैध माइनिंग के 130 एवं ओवरलोड वाहन के 1056 चालान भी किए गए हैं। इन चालानों में रेड लाइट से जुड़े चालानों की कोई गिनती नहीं है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि जिले में रेड लाइट काम नहीं कर रही है।
इलाके में रेड लाइट लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए निजी संस्था की मदद ली जाएगी। कागजी काम पूरा होने के करीब एक माह बाद रेड लाइट लोगों के लिए चालू कर दी जाएंगी।
- अरूण नांदल, ईओ नगर पालिका
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