1.60 करोड़ का बजट हुआ खर्च, 8 वर्टिकल पंप सेटों पर खर्च होगा एक करोड़ रुपया
-हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग बना रहा कार्ययोजना
राजूददीन जंग
नगीना। क्षेत्र के किसानों की जीवन रेखा मानी जाने वाली कोटला झील की काया पलट के लिए हरियाणा सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कोटला झील की चारों दिशाओं पर एक-एक पंप हाउस बनकर तैयार हो चुके हैं। इनके निर्माण में 1.60 करोड़ का खर्च आया है। पंप हाउस पर पानी खींचने के लिए दो-दो वर्टिकल पंप सेट लगाए जाएंगे। पंप खरीद पर करीब एक करोड़ रुपये का बजट इलेक्ट्रिक विंग द्वारा खर्च किया जाएगा। हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग कुछ ही झील के कायापलट की भी योजना बना रहा है।
विभाग द्वारा बनाए गए चार पंप हाउसों का मुख्य उद्देश्य पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा में कोटला झील के बाहर भरें बारिश के पानी को खेतों से झील के अंदर डालना है। मानसून के सीजन में हर बार कोटला, कंसाली और मेवली कलां की पर्वतमालाओं से बारिश का पानी बहकर कोटल डहर में चला जाता है। जहां पर 108 एकड़ भूमि पर बनी झील के बाहर हजारों एकड़ में पानी भरा रहता है, जिसे झील के अंदर कैसे समेटा जाए इसी जद्दोजहद में विभाग लगा है। जूनियर इंजीनियर मोहम्मद मुबारिक ने बताया कि चार पंप हाउस बन गए हैं। अभी इन पर दो-दो के हिसाब से 8 वर्टिकल पंप सेट लगाए जाएंगे, जो पानी बाहर से खींचकर झील के अंदर डालेंगे।
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3 हजार एकड़ जमीन पर हो पाएगी खेती
झील के आस-पास डहर में किसानों की करीब तीन हजार एकड़ जमीन है। जलभराव के कारण किसान उन खेतों में फसल नहीं कर पाते हैं। इसके कारण सैकड़ों किसानों को लगातार नुकसान हो रहा था। पंप हाउस बनने के बाद किसानों को काफी राहत मिलेगी। डहर के जिन खेतों में पानी भरा रहता था वहां से पानी निकलने के बाद किसान अपनी जमीन पर बुआई कर सकेंगे।
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झील में नहीं समा सकता हजारों एकड़ का पानी
आकेड़ा गांव के किसान रशीद अहमद, इशाक खान, कोटला के किसान हाजी ईशा, मुलथान के किसान हारून खान, भूड़बास के किसान फजर मोहम्मद, महूं-जलालपुर के किसान दीन मोहम्मद व खानपुर सोहराब खान, मेवली कलां के रफीक का कहना है कि डहर में पानी बहुत भरा है लेकिन कोटला झील बहुत छोटी है, यह कैसे हो पाएगा। ऐसे में झील का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है क्योंकि 108 एकड़ की झील में हजारों एकड़ पानी कैसे समाएगा।
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इलेक्ट्रिक विंग द्वारा चार पंप हाउस पर आठ पंप सेट लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है जिस पर करीब 1 करोड़ का खर्च आएगा। डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट चार पंप हाउस बनाने पर खर्च हो चुका है।
अजय देव, एसडीओ हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नूंह