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यमुना से सटे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

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यमुना में बाढ़ का खतरा बनने की शंका देख यमुना से लगते एक गांव में ग्रामीणों को समझाते एसडीएम पलवल? - फोटो : Palwal
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पलवल। हथिनीकुंड बैराज से 8.14 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़े जाने के बाद जिले में यमुना से सटे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगले एक-दो दिन में बाढ़ का पानी यमुना से सटे पलवल के निचले हिस्सों में आ जाए। बाढ़ की आशंका देख जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। उपायुक्त यशपाल ने सोमवार को यमुना नदी में जल स्तर बढ़ने से गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बाढ़ के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को जिला मुख्यालय न छोड़ने के आदेश दिए तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग की जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि इस स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखी जाए तथा संबंधित गांवों में जाकर लोगों को भी सतर्क किया जाए। बाढ़ के खतरे को देखते हुए उन गांवों के लिए अभी से इंतजाम किए जाएं।
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बैठक के बाद एसडीएम पलवल जितेंद्र कुमार ने यमुना नदी के साथ लगते प्रभावित क्षेत्रों गांव गुरवाड़ी, राजपुर खादर, दोस्तपुर, थंथरी, हंसापुर, अतवा, मुस्तफाबाद, काशीपुर, रहीमपुर, सुलतापर, अच्छेजा, इंदिरा नगर, मोहब्लीपुर, माहौली का दौरा किया। वहीं होडल के एसडीएम वत्सल वशिष्ठ ने हसनपुर क्षेत्र के अंतर्गत यमुना के किनारे आने वाले गांवों वली मोहम्मदपुर, मुर्तजाबाद, फास्टो नगर का दौरा कर जायजा लिया। दोनों एसडीएम ने इन गांवों के लोगों से बातचीत की तथा बाढ़ आने की स्थिति में उनसे आगे की स्थिति के बारे में भी जानकारी हासिल की। वहीं उपायुक्त ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में मुनयादी करके लोगों को बाढ़ के संबंध में सचेत करना शुरू करा दिया है।
एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि यमुना नदी के लगते क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए गए हैं। एसडीएम ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक द्वारा पशुओं के लिए उचित दवाओं की व्यवस्था करने, उपनिदेशक कृषि विभाग द्वारा पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी टेंट एवं खान-पान का प्रबंध करेंगे। सिविल सर्जन को प्रभावित क्षेत्र में अस्थाई सहायता कैंप में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाना एवं दवाइयों का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को अपने क्षेत्रीय स्टाफ की ड्यूटी लगाने को कहा है। उन्होंने बताया कि यमुना से लगते हुए गांवों में पुलिस गश्त जारी रहेगी और स्थानीय गोताखोरों को आपातकालीन स्थिति हेतु चयनित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर होडल के तहसीलदार गुरूदेव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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