गांवों में लगे सफाई कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इसके चलते उन्हें अपना घर खर्च चलाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसस नाराज कर्मियों ने रविवार को खंड विकास कार्यालय पर बैठक बुलाई।
बैठक में आरोप लगाया गया कि एक तरफ तो स्वच्छ भारत अभियान का नारा दिया जा रहा है लेकिन इस नारे को साकार करने में लगे मजदूरों को वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें जल्द रुका वेतन नहीं मिला तो मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
हथीन खंड की 76 पंचायतों में सवा सौ के लगभग सफाई कर्मी लगे हुए हैं। सरकार की तरफ से इन्हें प्रतिमाह 8143 रुपये मानदेय मिलता है, लेकिन पांच माह से वेतन नहीं मिला। बैठक में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजेंद्र ने बताया कि कई बार विभाग के अधिकारियों से वेतन को लेकर मांग की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। बजट का अभाव बताकर उन्हें टरकाया जा रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों के बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शीघ्र वेतन नहीं दिया गया तो वह मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। बैठक में उप प्रधान महेश कुमार, धर्मपाली, धमेंद्र, पप्पू, सतबीर, मुकेश व धर्मबीर भंगूरी मौजूद रहे। वहीं पंचायत विभाग के खंड सहायक प्रवीन का कहना है कि पहले बजट नहीं आया था। अब आ चुका है, जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।