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Palwal News: पांच दिन, 28 शिकार... बढ़ा कुत्तों का आतंक

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नूंह में कुत्ते के हमले में घायल युवक अपनी चोट दिखाता हुआ।
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सब्जी मंडी क्षेत्र में एक लावारिस कुत्ते ने चार लोगों को काट लिया, एक बच्ची को गंभीर रूप से घायल
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दिनेश देशवाल
नूंह। नूंह शहर में लावारिस और खूंखार कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। प्रशासनिक उदासीनता और नगर परिषद की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते शहरवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते पांच दिनों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नूंह में कुत्तों के काटने के 28 मामले आए हैं। कुत्तों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों में दहशत है।

हाल ही में नूंह की सब्जी मंडी क्षेत्र में एक लावारिस कुत्ते ने चार लोगों को काट लिया, जबकि एक बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद नगर परिषद की ओर से लाखों रुपये खर्च कर चलाए गए कुत्ता पकड़ो अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अभियान के बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है।
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हर उम्र के लोगों को बना रहे निशाना

सीएचसी में दर्ज आंकड़ों के अनुसार 16 जून को वार्ड-13 निवासी 44 वर्षीय कासिम और चार वर्षीय अली, 18 जून को वार्ड-12 निवासी पांच वर्षीय माधव शर्मा, वार्ड-8 निवासी नौ वर्षीय तन्मय और वार्ड-13 निवासी पांच वर्षीय मोहम्मद अल्फेज कुत्तों के हमले का शिकार हुए। वहीं, 19 जून को 41 वर्षीय साहून खान, छह वर्षीय केशव और 41 वर्षीय रेनू को कुत्तों ने काटा। 20 जून को चार वर्षीय तुषार और 17 वर्षीय हर्ष बघेल भी कुत्तों के हमले की चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में ऐसे मामलों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। पांच दिन में ही 28 मामले कुत्ते काटने के नूंह सीएचसी में वैक्सीन लगवाने के लिए आए हैं।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

शहरवासियों का आरोप है कि कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर कई बार जिला प्रशासन, डीसी दरबार, समाधान शिविर, नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड-13 निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 31 मई की रात उनके पड़ोसी के विदेशी नस्ल के पालतू कुत्ते ने युवक यश माथुर को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। शिकायत देने के बावजूद आज तक कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेजने की कार्रवाई नहीं हुई।

वार्ड-4 निवासी हामिद सिद्दीकी ने बताया कि उनकी कॉलोनी स्थित मस्जिद के पास 15 से 20 आवारा कुत्तों का झुंड रहता है, जो राहगीरों और बच्चों पर हमला करता है। इस संबंध में डीसी के समाधान शिविर में शिकायत भी दी गई थी, जिसे नगर परिषद के पास भेजा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों से बातचीत
सीएम विंडो, समाधान शिविर और शिकायत निवारण व्यवस्था महज औपचारिकता बनकर रह गई है। बेलगाम अधिकारी जनहित की सरकारी योजनाओं को जानबूझकर खराब कर रहे हैं। -मनोज कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता
नगर परिषद न तो शहरवासियों को पर्याप्त सुविधाएं दे पा रही है और न ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। स्कूल खुलने के बाद बच्चों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। -सुरेंद्र जैन, निवासी
आए दिन शहर में कुत्तों के काटने की घटनाएं घटित हो रही है। बच्चे पूरी तरह से सहमे हुए हैं। घर से बाहर निकलने में उन्हें कुत्ते काटने का डर सताता है। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान ले। -संजय सक्सेना, निवासी
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अधिकारी का वर्जन
जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कुत्तों को पकड़ने का अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। -दलबीर सिंह, जिला नगर आयुक्त
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