पलवल/होडल। शहर थाना क्षेत्र के सोहना रोड पर सोमवार देर रात भीषण आग लगने से एक परचून की दुकान, होटल और कई वाहन जलकर खाक हो गए। आगजनी की इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। आग में दुकान और होटल में रखा सामान, करीब पांच लाख रुपये की नकदी, दो स्कूटी और एक कार पूरी तरह जल गई।
पीड़ित रोहित कुमार ने बताया कि वह सोहना रोड पर परचून की दुकान चलाते हैं और पास में ही उनका एक छोटा होटल भी है। सोमवार देर रात अचानक दुकान के समीप लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उनकी दुकान व होटल तक फैल गई। आग की लपटों ने दुकान में रखा सारा सामान, नकदी और होटल का सामान अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा पास में खड़ी दो स्कूटी और एक कार भी जलकर नष्ट हो गईं। आग ने पास स्थित एक जूस की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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घटना के समय दुकान के अंदर सो रहा एक कर्मचारी छत से कूदकर बाहर निकला और अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
ब्रेक फेल होने से नहीं पहुंचे दमकल वाहन
वहीं, होडल और गांव करमन में संदिग्ध परिस्थितियों में पशुओं के चारे और एक फार्म हाउस में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। सोमवार दोपहर नेशनल हाईवे स्थित एडवोकेट जयदेव गर्ग के फार्म हाउस में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना एडवोकेट ने थाना पुलिस के साथ-साथ दमकल विभाग को दी।
पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन दमकल विभाग के कर्मचारी बिना गाड़ियों के मौके पर पहुंचे और उन्होंने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के ब्रेक फेल होने की जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हड़ताल की वजह से नहीं पहुंचे दमकल विभाग के कर्मी
नेशनल हाईवे स्थित गांव करमन में रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक किसानों के पशुओं के चारे (भूसे) की आधा दर्जन बोंगियों में आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण आग पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना थाना पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अशोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन हड़ताल के चलते दमकल विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसान शेर सिंह, रामबिलास और हरिचंद ने बताया कि आगजनी में किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद किसी अधिकारी ने फोन तक नहीं उठाया।