फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: हीटर में शॉर्ट सर्किट होने से कमरे में लगी आग, पूर्व प्रोफेसर जिंदा जले

विज्ञापन
विज्ञापन
मकान से धुआं उठने पर पड़ोसियों ने दी सूचना, दमकल कर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझाई आग
विज्ञापन

- रात को हीटर चलाकर सोए थे बुजुर्ग, शॉर्ट सर्किट होने से कपड़ों ने पकड़ी आग
- 84 वर्ष की उम्र में भी लोगों का प्राकृतिक चिकित्सा से करते थे उपचार

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर की कालड़ा कॉलोनी में शनिवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना घटित हो गई। कॉलोनी के एक मकान में आग लगने से कमरे में सो रहे 84 वर्षीय बुजुर्ग सतीश कालड़ा जिंदा जल गए। घटना सुबह साढ़े चार बजे की है। आग लगने का कारण कमरे में इलेक्ट्रिक हीटर में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। प्रोफेसर कमरे में अकेले सो रहे थे, जबकि बेटा-बहु मकान के प्रथम तल पर सो रहे थे। पड़ोसियों ने मकान से धुआं उठता देखा तो बेटा-बहु को जगाया और दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, परंतु तब तक पूरा कमरा जलकर खाक हो गया। आग बुझने के बाद सतीश कालड़ा को मृत अवस्था में पाया गया। वे 60 फीसदी तक आग में झुलस चुके थे।
जानकारी के अनुसार, शहर की कालड़ा कॉलोनी निवासी सतीश कालड़ा गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज में बतौर प्रोफेसर कार्यरत रहे हैं। दो दशक पूर्व वह सेवानिवृत हो गए। उनके बेटे ललित कालड़ा व पुत्र वधु डॉक्टर हैं। ललित कालड़ा के बच्चे बाहर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार रात को घर में सतीश कालड़ा के अलावा उनके बेटे व बहु थे। सतीश कालड़ा नीचे कमरे में सोते थे, जबकि बेटा-बहु प्रथम तल पर सोते थे। रात के करीब नौ बजे सतीश कालड़ा खाना खाकर अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। बिस्तर के पास इलेक्ट्रिक हीटर चल रहा था। सुबह करीब साढ़े चार बजे पड़ोसियों ने मकान से धुआं उठता देखा तो उन्होंने तुरंत फोन कर डॉ. ललित को जगाया। सतीश कालड़ा के कमरे से आग की लपटे निकलकर बरामदे तक आ रही थीं। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। दमकल विभाग की गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
विज्ञापन

कमरे की हालत देख दहला दिल, झुलसी हालत में मिला प्रोफेसर का शव
आग बुझने के बाद लोगों ने किसी तरह कमरे में प्रवेश किया। अंदर जाकर देखा तो लोगों का दिल दहल उठा। कमरे की हालत बेहद खराब थी। कमरे का सारा सामान जलकर खाक हो गया था। बिस्तर भी पूरी तरह से झुलसा हुआ था। प्रोफेसर सतीश कालड़ा को देखा तो वे बेड से नीचे जमीन पर गिरे हुए थे। जला हुआ सामान प्रोफेसर के ऊपर गिरा हुआ था। प्रोफेसर की मौत हो चुकी थी और उनका शव बुरी तरह से झुलसा हुआ था। शव को देखकर परिजनों ने विलाप करना शुरू कर दिया।
कपड़ों ने पकड़ी आग, लकड़ी के सामान से आग हुई विकराल
कमरे में काफी कपड़े थे। एक डबल बेड था, जिसके अंदर भी काफी कपड़े भरे हुए। कमरे में लकड़ी की अलमारी, टेबल व ड्रेसिंग टेबल भी था। खिड़कियां व दो लकड़ी के दरवाजे थे। हीटर गर्म हवा छोड़ने वाला था। अंदेशा जताया जा रहा है कि हीटर टेबल पर रखा हुआ था और अन्य सामान भी था। हीटर में शॉर्ट-सर्किट होने से टेबल पर रखे सामान ने आग पकड़ ली। कपड़ों व लकड़ी के सामान की वजह से आग विकराल हो गई।

साढ़े नौ बजे पिता से मिलकर गए थे बेटे ललित
मृतक प्रोफेसर सतीश कालड़ा के बेटे डॉ. ललित कालड़ा ने बताया कि शुक्रवार रात को उनके पिता खाना खाने के बाद कमरे में चले गए। वे करीब साढ़े नौ बजे पिता से मिलने के लिए कमरे में गए थे। उन्होंने पिता के साथ करीब 15 मिनट का समय बिताया। उन्हें लगता है कि करीब साढ़े 11 बजे तक उनके पिता जग हुए थे, क्योंकि उन्हें बर्तनों की आवाज सुनाई दी थी।
84 वर्ष की उम्र में भी लोगों का प्राकृतिक चिकित्सा से करते थे उपचार
लोगों ने बताया कि 84 साल की उम्र में सतीश कालड़ा काफी चुस्त थे। वे कॉलेज से सेवानिवृत होने के बाद प्राकृतिक चिकित्सा से लोगों का उपचार करते थे। उन्होंने रसूलपुर रोड पर प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी खोला हुआ था। उन्होंने शहर के काफी लोगों को इस पद्धति का प्रशिक्षण भी दिया है।
विज्ञापन


मृतक प्रोफेसर के बेटे डॉ. ललित कालड़ा के बयान पर शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। घटना में किसी की लापरवाही सामने नहीं आई है। बयान में भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। - राधेश्याम, शहर थाना प्रभारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें