पलवल। मानसून को देखते हुए शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, सफाई अभियान चलने के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में अब भी नालों के आसपास गंदगी और कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
हर वर्ष बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय रहते नालों और ड्रेनों की सफाई के निर्देश दिए हैं। जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को 15 जून तक सभी प्रमुख ड्रेनों और नालों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा है।
तीन प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए 1.31 करोड़ का प्रस्ताव
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ स्थानों पर सफाई कार्य चल रहा है, लेकिन कई जगह सफाई अधूरी दिखाई देती है। वहीं कुछ क्षेत्रों में सफाई के बाद दोबारा कूड़ा जमा हो गया है। लोगों का मानना है कि केवल औपचारिक सफाई अभियान से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित निगरानी और प्रभावी सफाई व्यवस्था जरूरी है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर की तीन प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए 1.31 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं, नगर परिषद ने क्षेत्र की 18 नालियों, जिनकी कुल लंबाई करीब 33 किलोमीटर है, की सफाई के लिए लगभग 60 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। जलभराव वाले क्षेत्रों से बारिश का पानी तेजी से निकालने के लिए सुपर सकर मशीनों का भी उपयोग किया जाएगा।
वर्जन
मानसून शुरू होने से पहले सभी नालियों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
डॉ. यशपाल शर्मा, चेयरमैन, नगर परिषद