संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने क्षेत्र के पशुपालकों के लिए ज्वार (चरी) के हरे चारे के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार, अधपकी या कम उम्र की ज्वार खिलाना पशुओं की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 45 से 50 दिन से कम आयु की ज्वार तथा सूखे या पाले के बाद हुई नई बढ़वार (रीग्रोथ) में हाइड्रोजन साइनाइड नामक विषैला तत्व मौजूद होता है। यदि भूखे पशु इसे सीधे चर लेते हैं या अत्यधिक मात्रा में खा लेते हैं, तो जहरीले असर के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है। पशु चिकित्सालय नगीना के पशु चिकित्सक शिवकुमार ने बताया कि यदि ज्वार खाने के बाद पशु में अचानक सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक लार गिरना, बेचैनी अथवा जमीन पर गिर जाने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नगीना स्थित निकटतम पशु चिकित्सालय में संपर्क कर डॉक्टरी सहायता लें।