पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केेएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर धरना दे रहे किसान 21 मार्च को फरीदाबाद के गांव नरियाला में होली मिलन समारोह में आ रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध करेंगे। शुक्रवार को धरने के दौरान किसानों ने विरोध-प्रदर्शन की रणनीति तैयार की। गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों को कृषि कानूनों के नुकसान बताए गए। वहीं मथुरा से शुरू हुई किसानों की पदयात्रा के स्वागत के लिए भी तैयारियां की गई।
धरने के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार लगातार किसानों के विरोध में काम कर रही है। तीनों कृषि कानून पूरी तरह से किसानों के विरोधी हैं। किसानों का अहित अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं सरकार द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रस्ताव लाने का विरोध किया। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर ऐसा कानून बना रही है, ताकि किसानों द्वारा आंदोलन करने पर दबाने का प्रयास कर सके। किसानों ने होली वाले दिन कृषि कानूनों की प्रतिलिपियां भी जलाने का निर्णय लिया। इस मौके पर महेंद्र सिंह चौहान, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, रतन सिंह सौरोत, राज कुमार ओलिहान, राजेंद्र घर्रोट, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. वीरेंद्र मलिक, बिजेंद्र बढ़राम, चंदर मुनि धतीर, अच्छेराम, हुकम सिंह अटोहां आदि मौजूद रहे।
दिनभर चलता रहा भंडारा
धरना स्थल पर भंडारे का आयोजन लगातार किया जा रहा है। यहां आ रहे किसानों के अलावा आम लोगों को भी भोजन कराया जा रहा है। भोजन के अलावा पूरे दिन चाय भी चलती रहती है। शुक्रवार को भी पूरे दिन यही सिलसिला चलता रहा, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए हुक्के का भी पूरा इंतजाम किया गया हे।
लोकगीतों से किया गया मनोरंजन
किसानों ने धरनास्थल पर लोकगीतों का दौर लगातार जारी है। पूरे दिन किसान ब्रज के लोकगीतों का आनंद लेते रहे। वहीं कई वक्ताओं ने ब्रज क्षेत्र के अलावा महान क्रांतिकारियों व शहीदों का भी इतिहास सुनाया।