पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 जून को मनाए जाने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ दिवस’ की तैयारियों पर चर्चा की गई। आंदोलन के दौरान शहीद हुए 500 किसानों को श्रद्धांजलि भी दी गई। नेताओं ने कहा कि किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। अब देश का किसान जाग चुका है। अपने हक को वापस लेकर ही किसान घर लौटेंगे। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरने की अध्यक्षता रूपचंद दलाल ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया।
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि किसान आंदोलन के सात माह पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जून को राजभवन पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने की घोषणा की है। 26 जून को पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ दिवस’ मनाया जाएगा। इसके लिए किसी तरह की अनुमति भी नहीं ली जाएगी। प्रदर्शन के दौरान धरना स्थलों पर काले झंडे लगाए जाएंगे। प्रदर्शन के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदर्शन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 500 से अधिक किसान अपनी जान गवां चुके हैं। सरकार शहीद किसानों के लिए अब तक दो शब्द नहीं बोली है। सरकार केवल किसानों को बदनाम करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद ही किसान घर वापसी करेंगे। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, डॉ.रघुवीर सिंह, सोहनपाल, रोशनलाल कुंडू, चंदरमुनि धतीर, नरेंद्र गहलब, किशन चंद शर्मा धतीर, बीधू सिंह ने संबोधित किया। इस मौके पर बीर सिंह औरंगाबाद, करतार औरंगाबाद, लखनपाल जोधपुर, जगदीश रावत ने भजन प्रस्तुत किए।