पलवल। अनाज मंडी में कपास की फसल की उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण शनिवार को किसानों का गुस्सा फूटा। उन्होंने आढ़तियों व व्यापारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों व व्यापारियों के बीच झड़प भी हुई। किसानों ने व्यापारियों से सरकारी मूल्य देने की मांग की, उनका कहना था कि पलवल मंडी में सरकार द्वारा खरीद नहीं की जाती है, इसलिए आढ़ती व व्यापारी आपसी मिलीभगत करके किसानों का नुकसान कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से पलवल अनाज मंडी में कपास की आवक शुरू हो गई है। सरकार ने कपास का सरकारी न्यूनतम मूल्य प्रति100 किग्रा 5255 रुपये तथा अधिकतम मूल्य 5550 रुपये निर्धारित किया हुआ है। पलवल मंडी में सरकार द्वारा कपास की ख्ररीद का प्रावधान नहीं होने पर व्यापारी व आढ़ती फसल को मनमाने भाव पर खरीद रहे हैं। किसानों के अनुसार पहले तो व्यापारियों ने कपास की उच्चतम किस्म को 52 सौ रुपये तक खरीदा था लेकिन अब व्यापारी किसी किसान को 4800 रुपये तो किसी को 4900 रुपये दे रहे है। शनिवार को व्यापारियों और किसानों के बीच कपास के सही भाव को लेकर विवाद हो गया। व्यापारियों के द्वारा फसल खरीदने से मना करने पर किसानों ने व्यापारी व आढ़तियों के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के प्रति रोष प्रकट किया।
सरकार की अनदेखी के चलते किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। व्यापारी व आढ़ती उनकी खून-पसीने की कमाई को लूटने में लगे हैं। ज्यादातर किसानों को व्यापारियों द्वारा तय किए रेटों पर ही फसल बेचनी पड़ती है। अब किसान जिला उपायुक्त से भी इसकी शिकायत करेंगे।
- धन सिंह, किसान
मंडी में कपास की सरकारी खरीद की व्यवस्था नहीं की गई है। निजी तौर पर व्यापारी व आढ़ती कपास की फसल खरीदी जाती है। अभी तक किसानों द्वारा उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई का जाएगी।
- इंद्रपाल, सचिव, मार्केट कमेटी पलवल