संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उदयपुरी, भंगुरी और मानपुर गांव के किसान सेम व जलभराव की समस्या से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में खेतों में जलभराव हो जाता है, जिससे खरीफ की फसल बर्बाद हो जाती है। समस्या के कारण रबी की फसल की बिजाई भी समय पर नहीं हो पाती।
किसानों ने बताया कि खरीफ की फसल की बिजाई के बाद बारिश होने पर खेतों में पानी भर जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक खेत पानी में डूबे रहते हैं। इससे फसल खराब हो जाती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि जलभराव के कारण खेत समय पर खाली नहीं हो पाते, जिससे अगली फसल की बिजाई में भी देरी होती है। लगातार फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने से किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने और खेतों से पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उनका आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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लोगों से बातचीत
खेतों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित कार्यालय में अधिकारियों से मिले, लेकिन अभी तक पानी निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। - अभय सिंह
गांव के चारों तरफ ईंट-भट्ठे हैं। कुछ लोगों ने अपने खेतों से मिट्टी उठवा दी है, इससे खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है और जलभराव हो जाता है। - श्याम
खेतों की सिंचाई के लिए बनी माइनर की भी लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। यदि माइनर की सफाई कराकर उसकी क्षमता बढ़ाई जाए तो खेतों से पानी की निकासी हो सकती है। - शिवराम
कोंडल की तरफ के खेतों से पानी नीचे की ओर बहकर उनके खेतों में आ जाता है। इससे खेतों में जलभराव हो जाता है और फसल नष्ट हो जाती है। इस बार खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। - धर्म सिंह