पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के समीप दोबारा शुरू हुए धरने के तीसरे दिन किसानों की तैयारियां तेज हो गई है। धरना स्थल पर तंबू लगने तथा लंगर बनाने के लिए टीन शेड बनाने का काम शुरू हो गया है। धरने पर विभिन्न गांवों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे। गांवों की तरफ से लंगर को सहयोग भी दिया गया। बुधवार को धरने की अध्यक्षता डागर पाल पंच गांव मिंडकौला निवासी धर्मबीर डागर ने की, जबकि संचालन बिजेंद्र सिंह ने किया। अटोहां चौक पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में शुरू किए धरने का नेतृत्व 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने किया। अरुण जेलदार ने कहा कि आंदोलन को मजबूती देने के लिए उत्तर प्रदेश व राजस्थान के किसानों से संपर्क किया जा रहा है। लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में कृषि कानूनों की वापसी को लेकर प्रदर्शन की अपील की जाएगी। स्वामी श्रद्धानंद ने कहा कि आज 36 बिरादरी का किसान एक हो गया है। यदि पूंजीपतियों को खाद्य सामग्री के भंडारण की छूट मिल गई तो गरीब व मजदूरों को खाने तक के लाले पड़ जाएंगे। मास्टर महेंद्र चौहान ने किसानों से अपील की कि धरने में किसान ज्यादा से ज्यादा संख्या में डटे रहे। दिन के साथ-साथ रात के समय भी धरना स्थल पर मौजूद रहे। समिति द्वारा किसानों के रहने का प्रबंध कराया जाएगा। धरने को ज्ञान सिंह चौहान, धर्मचंद, सोहनपाल, राजेश बहीन, समुंदर सिंह, ऋषिपाल चौहान और रणधीर चौहान सहित अन्य ने संबोधित किया।
पांच को ग्वालियर के किसान कर सकते हैं कूच
28 जनवरी को धरना स्थल से वापस लौटने वाले किसान बुधवार को पलवल धरने पर पहुंचे। सिंघु बॉर्डर से वापस लौटते समय किसान पलवल धरने पर रूके। उन्होंने कहा कि वापस लौटने के लिए ग्वालियर में किसानों की पंचायत चल रही है। आगामी पांच फरवरी को पलवल पहुंचने की योजना बनाई जा रही है। धरने को पहले से भी मजबूती से चलाया जाएगा।
अब किसानों को नहीं होगी परेशानी
किसानों के लिए लंगर बनाने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए धरना स्थल पर टीन शेड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। टेंट में बारिश होने पर परेशानी होती तथा भोजन भी खराब हो जाता है। इसलिए टीन शेड लगाया जा रहा है। जल्द ही लंगर में किसानों के बैठने के लिए जगह की सफाई करवाई जाएगी।
रात में भी धरने की कमान संभालेंगे
धरना स्थल पर दिन रात सहयोग करने के लिए तेवतिया पाल ने अपना तंबू लगा दिया है। इस तंबू में किसान रात में भी धरने की कमान संभालेंगे। पाल की तरफ से दर्जनों किसान हर समय तंबू में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही रात में रुकने वाले किसानों के लिए समिति द्वारा रजाई व गद्दों का भी पूरा इंतजाम कर लिया गया है। किसानों से तंबू लगाकर, पंडाल में या फिर ट्रॉलियों में लगे तंबू में ठहरने की अपील की जा रही है।