पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे धरने पर किसानों ने अब क्रमिक अनशन शुरू कर दिया गया। इसमें प्रतिदिन 11 किसान भूख हड़ताल पर रहेंगे। सोमवार को 19वें दिन भी किसान नेताओं ने अपने भाषण के जरिये जोश भरने का काम किया। पूरे दिन समर्थन देने आने वाला का सिलसिला चलता रहा। स्थानीय युवा से लेकर बुजुर्ग किसान धरने पर डटे रहे।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष शिवकुमार कक्का ने कहा कि आज पूरे देश का किसान जागरूक हो गया है। जगह-जगह अनशन शुरू कर दिया गया है। यह अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के बच्चों का भविष्य गिरवी रखना चाहती है। जमीनों को पूंजीपतियों के हवाले करने का प्लान तैयार किया जा रहा है, लेकिन जब तक किसान संगठित है, कोई उनकी जमीन को छू तक नहीं सकता। जागते लोगों के यहां कभी चोरी नहीं हुआ करती, आज देश का किसान जाग गया है और सरकार की नींद हराम कर दी है। किसानों की बात न सुनने वाली सरकार अब 24 घंटे किसानों की चर्चा करती रहती है। इस मौके पर गज बदन शुक्ला, दिनेश कुमार निरंजन, अभिमन्यु, श्रवण कुमार शर्मा, मुन्नीलाल कुशवाहा, गुलाब बाबा, साईं बाबा, देशराज विश्वकर्मा, रघुनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।
थाली-ताली बजाकर करेंगे मन की बात कार्यक्रम का विरोध
सोमवार को रविदत्त सिंह, देवीदीन राजपूत, रामनिवास शर्मा, कृष्ण बघेल, जेके पटेल गुजरात, साहब सिंह ग्वालियर, महंगा सिंह सिद्धू हनुमानगढ़, चौधरी केपी सिंह पलवल, नंदराम गुर्जर मध्य प्रदेश, ऋषि पाल चौहान अटोहा, गंगालाल सौरोत भूख हड़ताल पर रहे। किसानों ने बताया कि 25, 26 व 27 दिसंबर को हरियाणा टोल नहीं दिया जाएगा। वहीं 27 दिसंबर को किसान थाली व ताली बजाकर प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम का विरोध करेंगे।
जिले के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
किसान आंदोलन को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में जोश दिखाई दे रहा है। गांवों से बुजुर्ग ट्रैक्टर-ट्रॉली से धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। बुजुर्ग किसान अपने कविताओं के जरिये किसानों में जोश भरने का भी काम करते रहते हैं। गांव घोड़ी के बुजुर्ग किसान बीर सिंह देशवाल ने अपनी कविताओं के जरिये सरकार पर जमकर हल्ला बोला। गांव सिहौल निवासी 86 वर्षीय हरीचंद ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इतना बड़ा आंदोलन कभी नहीं देखा। सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। इस कड़ाके की ठंड में अपने परिवारों को छोड़कर किसानों सड़कों पर हैं। प्रधानमंत्री तानाशाहपूर्ण रवैया छोड़कर कृषि कानूनों को वापस लें।
धरना स्थल के पास लगा जाम
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों के धरने के चलते जाम की स्थिति बनी रहती है। आगरा से दिल्ली सड़क पूरी तरह रोकी हुई है, जिसके चलते वाहनों को कच्चे रास्ते से गुजारा जा रहा है। रास्ता कच्चा होने के कारण वाहन फंस जाते हैं, ऐसे में सोमवार को भी काफी लंबा जाम लगा रहा।