अनाज मंडी में किसानों की धान की सरकारी खरीद न होने से नाराज हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर की अनाज मंडी में किसानों की धान की फसल की सरकारी खरीद नहीं होने से नाराज सैकड़ों किसान लघु सचिवालय में एसडीएम के नेतृत्व में लगाई जा रहे समाधान शिविर में पहुंच गए। जहां किसान एसडीएम से धान की सरकारी खरीद करवाने की मांग पर अड़ गए। एसडीएम बैलिना लोहान ने लापरवाह मंडी अधिकारी, आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया।
दरअसल, बृहस्पतिवार को अनाज मंडी में किसानों की धान की फसल की सरकारी खरीद न होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में किसान लघु सचिवालय में एसडीएम के समाधान में शिविर में पहुंच गए और फसल की खरीद की मांग करने लगे। इस दौरान किसानों ने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 22 सितंबर को किसानों की धान की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के आदेश जारी किए थे। इसमें मंडी अधिकारी आढ़तियों के साथ मिलीभगत कर मुख्यमंत्री के आदेश हवा में उड़ाने में लगे हुए हैं। आढ़ती किसानों की फसल को सरकारी खरीद से 500 से 800 रुपये कम कीमत पर खरीद कर स्टॉक कर रहे हैं। किसानों ने मंडी के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में किसानों का शोषण किया जा रहा है। यदि किसान अपनी फसल को लेकर मंडी आता है तो उनकी फसल के गेट पास नहीं काटे जा रहे। किसान शेर सिंह, धर्मवीर, सतवीर, रणबीर, टेकराम, ओमबीर, लालसिंह आदि ने बताया कि किसानों की फसल की तोल के दौरान डेढ़ से दो किलोग्राम अधिक फसल का वजन किया जा रहा है। उन्होंने मंडी अधिकारियों पर व्यापारियों से कमीशन लेकर किसानों की फसल खरीद नहीं करने का भी आरोप लगा दिया। एसडीएम बैलिना लोहान बताया कि किसानों की धान की फसल में नमी आने से सरकारी खरीद में दिक्कत आ रही है। उन्होंने किसानों से फसल को सुखाकर मंडी लाने की अपील की हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की खरीद के नियमों के अनुसार खरीद की जा रही है।