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Palwal News: जमीनी विवाद में यूपी के किसानों ने हरियाणा के किसानों पर किया जानलेवा हमला, 39 पर केस

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पुलिस ने 29 को किया नामजद, 19 दिसंबर को भी आरोपियों ने की थी गोलीबारी, तीन हुए थे गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी


होडल। हसनपुर के माहौली गांव के पास शुक्रवार को अलीगढ़ (यूपी) के रहने वाले कई लोगों ने हथियारों से लैस होकर हरियाणा के किसान अशोक व गिरवर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अशोक का अपहरण कर उसे ट्रैक्टर सहित यमुना नदी में डुबोकर जान से मारने की कोशिश की। पुलिस ने किसान के पिता मेघ सिंह की शिकायत पर 29 नामजद और दस अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
19 दिसंबर को गांव माहौली में यूपी के गांव धारागढ़ी अब नंगला चंडीगढ़ के लोगों ने फायरिंग कर दी थी। मामले में होडल सीआईए टीम ने तीन आरोपियों काबू किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना के बाद यूपी के लोगों ने गांव माहौली के ट्रैक्टर सवार दो किसान अशोक व गिरवर पर हथियारों के बल पर हमला कर दिया। हमले में गिरवर ने अपनी जान बचाकर भाग गया वहीं, दूसरे किसान अशोक को दर्जनों की संख्या में लोगों ने अपहरण कर यमुना नदी में ट्रैक्टर सहित डूबा कर जान से मारने की कोशिश की।
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सीआईए प्रभारी जगविंदर सिंह ने इस मामले में 39 लोगों पर केस दर्ज किय गया है। वहीं, 19 दिसंबर को जानलेवा हमले के मामले में टीम ने नारायण सिंह उर्फ हप्पू व ओमप्रकाश उर्फ कल्लू सहित नारायण को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने नारायण सिंह उर्फ हप्पू व नारायण को जेल भेज दिया। वहीं, एक दिन के रिमांड के बाद शुक्रवार को ओमप्रकाश उर्फ कल्लू को जेल भेज दिया गया है।
हरियाणा-यूपी सीमा पर पिलर लगाया जा रहा है। किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। -बलिना, एसडीएम, होडल



यह है पूरा मामला

हरियाणा के गांव माहौली की यमुना नदी के कटाव के कारण जमीन नदी के उस पार यूपी के इलाके में चली गई। इस जमीन पर अलीगढ़ के गांव धारागढ़ी के लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर गांव नांगला चंडीगढ़ बसा लिया। 19 दिसंबर को यूपी के दर्जनों लोगों अचानक ओमप्रकाश उर्फ कल्लू के नेतृत्व में माहौली के किसानों पर जान से मारने की नियत से गोली चला दी। थाना पुलिस ने मामले की जांच सीआईए पुलिस टीम को सौंप दी। 21 जनवरी को सीआईए पुलिस टीम ने फायरिंग कर हमला करने के मामले में ओमप्रकाश उर्फ कल्लू व नारायण सिंह उर्फ हप्पू सहित नारायण को काबू कर अदालत में पेश कर दिया। इस दौरान अपने खेतों गन्ने की फसल की कटाई को लेकर ट्रैक्टर में सवार होकर अपने खेत पर गए गांव माहौली निवासी किसान अशोक व गिरधर पर अवैध हथियारों से हमला कर दिया।

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ट्रैक्टर में बांधकर किसान को यमुना नदी में धक्का देने का आरोप

गांव निवासी मेघ सिंह ने शिकायत में बताया कि 21 जनवरी की सुबह वह अपने बेटे अशोक और भतीजे गिरवर के साथ ट्रैक्टर-ट्राली में गन्ना भरकर पलवल शुगर मिल ले जा रहा था। जैसे ही वे रेनीवेल रोड पर पहुंचे, तभी अलीगढ़ के गांव धारागढ़ी (हाल निवासी चंडीगढ़ का नंगला) के ललित, पोटा, कुम्मन समेत 26 नामजद और दस अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। हमलावर अवैध कट्टे, बंदूक, फरसा सहित लाठी-डंडे से लैस थे।

पीड़ित ने कहा कि इन लोगों ने अशोक के सीने पर कट्टा तान दिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद अशोक को बंधक बनाकर ट्रैक्टर सहित अपहरण कर यमुना नदी की ओर ले गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर सहित यमुना नदी में धक्का दे दिया। जब मेघसिंह और अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाया और मौके पर पहुंचे, तो आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।





जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर को यमुना नदी से निकाला बाहर


घटना के बद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने थाना हसनपुर पुलिस को मामले की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच गए उन्होंने ग्रामीणों की मदद से यमुना नदी में घायल पड़े किसान अशोक और ट्रैक्टर को बाहर निकाला। घायल को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल रेफर कर दिया। जहां किसान की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 29 नामजद सहित दस अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया हैं।
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पांच दशक पुराना है सीमा विवाद


पलवल। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच यमुना खादर की भूमि को लेकर 51 साल से सीमा विवाद चल रहा है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा निर्धारण के लिए पिलर लगाए जाने का भी प्रस्ताव पारित है। इस परियोजना पर 126 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सहारनपुर से अलीगढ़ तक कुल 1287 पिलर लगाए जाएंगे, जिनमें अलीगढ़ क्षेत्र में 197 पिलर शामिल हैं। गौरतलब है कि यमुना की धारा बदलने से टप्पल क्षेत्र की 2188 एकड़ भूमि हरियाणा में और पलवल की 1286 एकड़ भूमि अलीगढ़ में चली गई थी। हरियाणा के करीब 125 और अलीगढ़ के 590 किसान इससे प्रभावित हैं। इन पिलरों का डिजाइन आईआईटी रुड़की ने तैयार किया है। सर्वे ऑफ इंडिया ने सैटेलाइट सर्वे के आधार पर सीमा तय की है। यह विवाद यमुना किनारे लगभग 325 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। 1974 में दीक्षित अवार्ड की सिफारिश पर पिलर लगाए गए थे, लेकिन बाढ़ और अतिक्रमण के कारण सभी पिलर नष्ट हो चुके है।
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