जिले की हवा हुई साफ, मौसम हुआ ठंडा, एक्यूआई 102 दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में शुक्रवार को हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। बारिश में देरी होने से किसान चिंतित थे लेकिन अब उनके चेहरे पर मुस्कान है। बारिश से रबि की फसलों को फायदा होगा। समय पर सिंचाई हो पाएगी। सिंचाई को लेकर अब किसान परेशान नहीं रहेंगे। मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते तीन-चार दिनों से तेज धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश होने से ठंड का असर बढ़ गया है।
शुक्रवार को बारिश होने के कारण जिले का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बारिश होने से लोगों को प्रदूषण से भी काफी राहत मिली है। बारिश से पहले शहर में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी मरीजों के लिए हालत चुनौतीपूर्ण बने हुए थे, लेकिन बारिश ने हवा में घुले प्रदूषक कणों को काफी हद तक नीचे बैठा दिया। वहीं, बारिश के बाद शहर में एक्यूआई 102 दर्ज किया गया, जिससे वायु गुणवत्ता में काफी सुधार देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी तक बारिश होने की आशंका है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को भी लाभ मिला है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
यह बारिश मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायक : कृषि विशेषज्ञ
जिले में पूरे दिन बारिश होने के कारण रबी फसलों को मजबूती मिली है और किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिले के किसानों ने प्रमुख रूप से गेहूं और सरसों की बुवाई की है। इस समय खेतों में फसलें अच्छी स्थिति में हैं। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार यह बारिश मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायक है। इससे पौधों की जड़ें मजबूत होंगी, खाद के पोषक तत्व घुलेंगे और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई है लेकिन इससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचेगा। हल्की बारिश गेहूं और सरसों के लिए फायदेमंद होती है, जिससे उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि, अधिक बारिश या ओलावृष्टि होने पर नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है।