लंबी जद्दोजहद के बाद आखिर होडल, हसनपुर व हथीन की मंडियों में सरकारी एजेंसियों ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी, लेकिन अस्थायी मंडियों में दीघोट, बड़ौली, खांबी, बामनीखेड़ाव चांदहट में अभी भी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते वहां के किसान गुस्से में है।
किसानों का कहना है कि खरीद एजेंसियां कई नुस्ख निकाल रही हैं। यदि बरसात आ गई तो उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर सकता है। प्रतिदिन बादल घुमड़-घुमड़ कर आ रहे हैं, बस भगवान का शुक्र है कि बारिश नहीं आ रही है। उधर पलवल में भी चार अप्रैल से ही खरीद शुरू हो चुकी है।
पलवल अनाज मंडी में बुधवार तक 1 लाख 78 हजार 600 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। मार्केट कमेटी पलवल के सुपरवाइजर नरवीर सिंह ने बताया कि मंडी में हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन द्वारा 72540 क्विंटल व फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा 78805 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
पलवल के धतीर खरीद केंद्र पर 27255 क्वंटल गेहूं की खरीद की गई है, जबकि चांदहट खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। वहीं होडल में किसान और व्यापारियों की सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ हुई लंबी जद्दोजहद के बाद आखिर मंगलवार को खरीद एजेंसियों ने गेहूं की खरीद शुरू की।
खरीद के पहले दिन हरियाणा वेयर हाउस एजेंसी ने 78 हजार क्विंटल, औरंगाबाद मंडी में भारतीय खाद्य निगम ने 13 हजार 900 क्विंटल व हसनपुर अनाज मंडी से एजेंसी द्वारा 60 हजार 980 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
पिछले कई दिनों से खरीद शुरू नहीं होने के कारण मंडी में गेहूं के अंबार लग चुके हैं, ऐसे अगर बरसात होती है तो किसानों का भारी नुकसान होगा। होडल के अंतर्गत आने वाले खरीद केन्द्र दीघोट और बामनीखेड़ा तथा हसनपुर के अंतर्गत खांबी और बडोली केन्द्रों पर गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है, जिसके कारण इन मंडियों में फसल लाने वाले किसानों का गुस्सा उबाल खाने लगा है।
मार्केट कमेटी के सचिव मोहन सिंह जोबल ने दीघोट और बामनीखेड़ा खरीद केन्द्रों का दौरा किया व शीघ्र खरीद कराने का भरोसा दिलाया। हथीन की अनाज मंडी में भी बुधवार को खरीद एजेंसियों ने किसानों का गेहूं खरीदने का कार्य शुरू कर दिया। वेयर हाउस एजेंसी ने मंगलवार को 47 हजार 285 क्विंटल गेहूं की खरीद की।