पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के तहत किसानों द्वारा शुक्रवार को भारत बंद का असर जिले के बाजारों और मंडियों पर नहीं दिखा। हालांकि किसानों ने तीन घंटे दिल्ली-आगरा राजमार्ग जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने नृत्य के माध्यम से विरोध जताया।
किसानों की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत बंद की घोषणा के बाद भी पलवल, होडल, हथीन व हसनपुर के सभी बाजार रोजाना की तरह खुले रहे। हालांकि पूर्व मंत्री करण दलाल ने किसानों को बाजारों को बंद कराने से पहले ही रोक दिया था। वहीं दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर जाम लगाए बैठे किसानों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है। पिछले छह माह से अधिक समय किसान सड़कों पर बैठे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रधानमंत्री व उनके मत्री चुनावी रैलियां करने की लगे हैं। आंदोलन में जान गंवा चुके किसानों के लिए किसी ने आज तक एक भी आंसू नहीं बहाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने साबित कर दिया है कि उनका शासन अंग्रेजों के शासन से कम नहीं है। आज महंगाई बढ़ रही है, जनता परेशान है, लेकिन सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों का शोषण कर रही है।
पूर्व विधायक उदयभान ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं है, जब किसानों का गुस्सा सरकार को बुरी तरह से झेलना पड़ेगा। यदि ऐसे ही अत्याचार होता रहा, तो लोग अब हाथों में लाठियां लेकर भाजपा नेताओं के पास पहुंच जाएंगे। उनका गांवों में घुसना तक बंद हो जाएगा।
भारी पुलिस बल रहा मौजूद
भारत बंद की सूचना को लेकर पुलिस बल पूरी तरह से सतर्क दिखा। सुबह से ही पुलिस बल व रिजर्व फोर्स के जवान सुरक्षा को लेकर किसानों के धरना स्थल पर अटोहां मोड़ पर तैनात रहे। रेलवे लाइनों, रेलवे फाटकों पर भी पुलिस कर्मी तैनात थे। एसपी खुद भी इसकी लगातार अपडेट लेते रहे।
रविवार को जलाएंगे कानून की प्रतियां
किसान रविवार को कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इसका निर्णय शुक्रवार को भारत बंद के दौरान जाम लगाए बैठे किसानों ने लिया। किसानों का कहना था कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत माना जाता है। उसी को लेकर कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। किसान अब सरकार के आगे नहीं झुकेंगे। किसान नेता महेंद्र चौहान ने बताया कि 27 मार्च को गांव औरंगाबाद की चौपाई आयोजित की जाएगी।
जाम से जूझे लोग
दोपहर 12 बजे लगाए गए जाम का असर दोपहर तीन बजे तक रहा। हालांकि पुलिस ने आगरा चौक पर ही बड़ा ट्रक खड़ा कर दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों को सोहना रोड की तरफ से डायवर्ट कर दिया था। इसके अलावा पृथला गांव से दूधौला होते हुए नूंह-सोहना की तरफ से भी रूट डायवर्ट किया गया था। इस दौरान राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम में स्कूली बच्चे भी फंसे रहे।
एंबुलेंस और सेना के वाहनों को दिया रास्ता
राजमार्ग पर भारत बंद के दौरान लगाए गए जाम के दौरान किसानों ने वहां से गुजरने वाली एंबुलेंस को रास्ता देकर निकाला। वहीं सेना के वाहनों को भी नहीं रोका गया।
वर्जन-
हम काफी समय से जाम में फंसे हुए हैं। घर पर दो बजे पहुंच जाते हैं, लेकिन जाम में काफी समय से फंसे हुए हैं। - मीनाक्षी, छात्रा
स्कूल की छुट्टी के बाद घर पहुंचने की जल्दी होती है, लेकिन जाम के कारण गर्मी में बस के अंदर ही आधे घंटे से बैठे हैं। - खुशबू, छात्रा
बस काफी समय से जाम में फंसी हुई है। ड्राइवर से पापा को फोन कर बुलवाया है। उनके साथ ही घर जाउंगा। - धीरज, छात्र