संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत की पंचायत शनिवार को जाट धर्मशाला में संपन्न हुई। पंचायत में किसान आंदोलन में किसानों की दुर्दशा, लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या व खिलाड़ियों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर चर्चा की गई। पंचायत में फैसला लिया गया कि हर विधानसभा में भाजपा उम्मीदवार को हराने की स्थिति में होने वाले उम्मीदवार का समर्थन किया जाएगा।
पंचायत की अध्यक्षता पंडित दानी राम पहरा ने की, जबकि संचालन किसान नेता ज्ञान सिंह चौहान ने किया। पंचायत में यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय किसान यूनियन टिकैत किसी भी विशेष राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेगा। किसान आंदोलन में सभी राजनीतिक दलों एवं संगठनों ने किसानों का साथ दिया था। भाजपा को छोड़कर किसानों के लिए सभी राजनीतिक दल समान हैं। उन्होंने कहा कि 13 महीने से किसान सड़क पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान साढ़े सात सौ किसान शहीद हुए थे। तीनों काले कानून वापस लेने के बाद जो मांगें बाकी रह गई थी वो आज तक पूरी नहीं की गई हैं। भाजपा सरकार अपने शासन काल में खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार किया। महिला खिलाड़ियों को सड़कों पर आंदोलन करना पड़ा।
किसान नेता मित्रसेन, राजू व नाहर सिंह मिंडकौला ने कहा कि पलवल जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। जिले के अंदर दर्जनों गांवों के किसान जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों की हजारों एकड़ फसल खराब हो चुकी है। इसकी न तो गिरदावरी कराई जा रही है और न ही अभी तक मुआवजे की कोई घोषणा की गई है। 10 साल के शासनकाल में सरकार हथीन क्षेत्र में सेम की समस्या को दूर नहीं कर पाई है। इस दौरान इंदर जनाचौली, जगपाल जैनपुर ने स्थानीय मांगों को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। पंचायत में पहुंचे सभी लोगों को जिलाध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान करतार व बीर सिंह रागिनी के जरिये किसानों में जोश भरने का कार्य किया।
पंचायत में मास्टर मनोहर गढ़ी, सुमरण सरपंच गहलब, भोपाल कोली धतीर, सीताराम पंच टीकरी, लखमी पांचाल, राजेश रावत, रामबीर सहरावत, टेकचंद भिडूकी ने अपने विचार रखे। इस दौरान नंदा सरपंच पहरा, अशोक अमरपुर, जगदीश बांसवा, महेंद्र सौंदहद, महेश, जोगेंद्र, कल्लू मर्रोली, डॉ. सतवीर, लच्छूराम पंच, कर्मचारी नेता सबरजीत, वीरेंद्र सरपंच सिहौल, बबली जाखड़, राहुल मलिक, करतार मंढनाका, सुंदर भंगूरी, होशियार, जयराम पहलवान औरंगाबाद, प्रभू सौरोत खिरबी, भागीरथ घर्रोट मुख्य रूप से मौजूद रहे।