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आंदोलन को धार देने का काम करेगी किसान-मजदूर महापंचायत

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धरना देते किसान। - फोटो : Palwal
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पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने कहा कि आंदोलन को तेज करने के लिए घोषित महापंचायत को ध्यान में रखकर गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महापंचायत में किसानों के अलावा सर्व जातीय और मजदूर वर्गों को विशेष तौर पर बुलाया जाएगा, ताकि आंदोलन को और धार मिल सके।
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किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में बीती दो दिसंबर से जारी धरने की अध्यक्षता कुलभान कुमार छाता ने की, जबकि संचालन किशन चंद शर्मा ने किया। वरिष्ठ किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा 26 जून को ‘खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ’ दिवस मनाएगी। यह दिन आंदोलन के सात माह पूरे होने का प्रतीक है। इस दिन आपातकाल भी लगा था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। भाजपा के शासनकाल में देश फिर से अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। इसी के खिलाफ किसानों ने संघर्ष शुरू किया है। पिछले सात माह में किसानों ने सर्दी, गर्मी, बारिश और महामारी की परवाह किए बगैर संघर्ष जारी रखा है। जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाएंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, ब्रह्म सिंह मथुरा, दरियाब सिंह बंचारी, चंदन सिंह डराना, राजकुमार, चंद्रमुनि धतीर, अच्छेलाल जोधपुर, बीर सिंह औरंगाबाद, रूपलाल मोहना, जगदीश रावत, रघुवीर आदि ने संबोधित किया।
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