होडल। तीनों कृषि कानून, बिजली संशोधन बिल और निजीकरण सहित अन्य मांगों के लिए निकाली गई किसान मजदूर पदयात्रा 21 मार्च को होडल पहुंचेगी। पदयात्रा में शामिल किसानों के स्वागत व ठहरने की तैयारी के लिए शुक्रवार को होडल व बंनचारी में किसानों की बैठक हुई। जिसमें 22 मार्च को बंचारी में आयोजित होने वाली सभा की रूपरेखा तय की गई।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद की अध्यक्षता में राम नारायण कुरेरिया व सोहनपाल चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के कृषि क्षेत्र को देशी-विदेशी पूंजीपतियों को सौंपने की साजिश के खिलाफ देश के लाखों किसान चार महीने से राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे हैं। सर्दी, बारिश, बीमारी व दुर्घटनाओं में 300 से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। इन कानूनों के लागू होने के बाद कृषि उत्पादन से लेकर खरीद और भंडारण पर बडी-बड़ी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। जिससे किसानों की बर्बादी तो होगी, देश की सार्वजनिक वितरण व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा व आत्मनिर्भरता ध्वस्त हो जाएगी। प्राइवेट कंपनियों को खाद्यान्न समेत तमाम जरूरी वस्तुओं के असीमित भंडारण और जमाखोरी का कानूनी अधिकार मिलने से कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा। श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाया जा रहा है। जनविरोधी नीतियों के खिलाफ होने वाले आंदोलनों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर दरयाब सौरौत, भागीरथ बेनीवाल, इंद्रपाल, पीता, नवला, भूदेव, लालूराम, गोरधन, डिगंबर आदि मौजूद रहे।