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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आशीष तंवर के परिजनों को दी सांत्वना

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लापता पायलट आशीष तंवर के परिजनों को सांत्वना देते पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व विधा - फोटो : Palwal
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पलवल। जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लापता हुए विमान में मौजूद फ्लाइट लेफ्टिनेंट आशीष तंवर के हूडा स्थित निवास पर सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे। उन्होंने आशीष के परिवार को ढाढ़स बंधाया। उनके साथ पलवल के विधायक करण सिंह दलाल भी मौजूद रहे। हुड्डा ने इस मामले में केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि वे इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। लापता विमान व उसके सवार पायलट व अधिकारियों को खोजने के लिए दबाव बनाएंगे।
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जोरहाट से उड़ान भरने वाले लापता हुए विमान को सोमवार को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सुराग नहीं लग पाया है। आठ दिनों से जहां सेना उस विमान को खोज रही है, वहीं उसमें सवार अधिकारियों व पायलटों के परिजन भी वहीं डटे हुए हैं। पायलट आशीष तंवर के परिजनों ने सरकार पर सर्च अभियान में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आशीष तंवर के घर पर पहुंचकर उनकी मां को आश्वासन दिया कि वे अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेंगे कि सरकार पर दबाव बनाया जा सके कि विमान व उनके बेटे सहित अन्य सभी को जल्द ढूंढा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों व मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री से मिलकर दबाव बनाना चाहिए था। प्रदेश के इतने पायलट व अधिकारी उस विमान में हैं, ऐसे में सरकार को गंभीरता से यह मामला लेना चाहिए था।
हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार केवल सेना व देश की बात करती है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इन बातों को भूल जाती है। आज प्रधानमंत्री मोदी को इस लापता विमान व उसमें सवार पायलटों व अधिकारियों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने विमान की खोजबीन करने वाले को पांच लाख रुपये के इनामी राशि देने की बात को सेना का अपमान बताया। वहीं परिजनों ने कहा कि वे अब इतने परेशान हो चुके हैं तथा सरकार से उम्मीद छोड़ चुके हैं।
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