पलवल। रामनगर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाए गए करीब 35 वर्षीय मरीज की हालत खराब हो गई। इसमें बाद उसे आनन-फानन अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अस्पताल व केंद्र के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
कैंप थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्थान के गांव जुरहेड़ा निवासी विनीत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 35 वर्षीय भाई दीपक नशे का आदी था। दीपक को रविवार की सुबह पलवल के रामनगर स्थित श्रीराम नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाया गया था। दीपक को केंद्र में दाखिल करवाकर वापस वह घर चला गया था। लेकिन उसी दिन शाम को करीब 4 बजे उसके पास नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि उसके भाई की अचानक तबीयत खराब हो गई है। जिसे इलाज के लिए गुरुनानक अस्पताल लाया गया। यह सुनकर वह पलवल के गुरूनानक अस्पताल पहुंचा। जहां उसे पता चला कि उसके भाई दीपक की मौत हो गई है। इस पर विनीत ने अस्पताल व नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ लापरवाही की शिकायत थाने में दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि विभाग की तरफ से पूरे जिले में किसी भी नशा मुक्ति केंद्र को चलाने की परमिशन नहीं दी गई है। अगर कोई नशा मुक्ति केंद्र चल भी रहा है। तो वह अवैध तरीके से चलाया जा रहा है। विभाग समय-समय पर ऐसे स्थानों पर छापा मारता है।