फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: दिल्ली के हर दूसरे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था में खामियां

विज्ञापन
विज्ञापन
24 जुलाई तक जांचे गए 1677 स्कूलों में 774 सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, सभी 5,633 स्कूलों की होगी जांच
विज्ञापन

निजी स्कूलों में सबसे अधिक लापरवाही, सरकार ने सुधार के बाद दोबारा निरीक्षण के दिए निर्देश

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। अब तक जांचे गए स्कूलों में लगभग हर दूसरे स्कूल में सुरक्षा संबंधी कमियां मिली हैं। 24 जुलाई तक निरीक्षण किए गए 1,677 स्कूलों में से 774 स्कूल निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 13 जुलाई से ''बाल सुरक्षा माह'' के तहत यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी, सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और निजी स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के दिशा-निर्देशों और पॉक्सो कानून के तहत तैयार सुरक्षा चेकलिस्ट के आधार पर की जा रही है।
विज्ञापन

निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उन्हें जल्द सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सुधार की समीक्षा के लिए दोबारा निरीक्षण भी किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल एक महीने का अभियान चलाना नहीं, बल्कि स्कूलों में बाल सुरक्षा को स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनाना है।
अभियान के तहत अब तक 790 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 270 में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलीं। वहीं 75 सहायता प्राप्त स्कूलों में से 41 सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते पाए गए। सबसे अधिक चिंता निजी स्कूलों को लेकर सामने आई है। जांचे गए 812 निजी स्कूलों में से 463 में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला। इसके बाद ऐसे स्कूलों की निगरानी और सख्त कर दी गई है।
विज्ञापन

निरीक्षण के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस, अभिभावक प्रतिनिधियों और स्कूल प्रमुखों की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन 150 से 200 स्कूलों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों की जांच पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।


निजी स्कूलों में सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल
812 निजी स्कूलों की हुई जांच
463 में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मिलीं
आगे क्या : निगरानी बढ़ाई गई, सुधार के बाद फिर होगा निरीक्षण
-
हर दिन 150 से 200 स्कूलों की पड़ताल
संयुक्त टीमें कर रही हैं निरीक्षण
सभी 5633 स्कूलों की होगी जांच
आगे क्या : सुधार नहीं होने पर दोबारा कार्रवाई

इन सुरक्षा मानकों पर हो रही है जांच
बाल सुरक्षा समिति का गठन
पॉक्सो कानून के प्रावधानों का पालन
शिकायत निवारण व्यवस्था
सीसीटीवी और सुरक्षित प्रवेश-निकास
स्टाफ का पुलिस सत्यापन
आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल
बाल सुरक्षा पर शिक्षकों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें