गौरतलब है कि केंद्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद पलवल और नूंह से करीब आठ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पिछले पांच दिनों से केंद्रीय खुफिया विभाग, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार संदिग्धों से पूछताछ में जुटी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बहीन थाना क्षेत्र के पावसर गांव से तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें दो सगे भाई बताए जा रहे हैं। वही, तीसरा युवक कथित पाकिस्तानी जासूस का करीबी सहयोगी है।
इसी ने पाकिस्तानी जासूस को जम्मू-कश्मीर से मेवात क्षेत्र में लाया था। वहीं, नूंह जिले के पांच अन्य संदिग्ध युवकों से पूछताछ की जा रही है। यह पूछताछ जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार एक युवक से मिली जानकारी के आधार पर की जा रही है। खुफिया विभाग की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी एजेंट ने खुद को श्रीनगर का निवासी बताया था। एजेंट ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर युवकों से दोस्ती की थी।
सूत्रों के अनुसार वह पहले बहीन थाना क्षेत्र के गांव पावसर में काफी समय तक रहा और बाद में नूंह जिले के तावडू इलाके में भी ठिकाना बनाए रखा। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2017 के दौरान कुछ युवक जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में आए थे, जिनके पाकिस्तान लिंक होने की आशंका जताई जा रही है। इसी आधार पर एजेंसियां पुराने संपर्कों और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मामले की संवेदनशीलता के चलते आधिकारिक बयान देने से बच रही हैं। हालांकि आने वाले दिनों में इस जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।