पलवल। विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे धरने के बाद बुधवार को कर्मचारी संगठनों ने जुलूस निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए बस स्टैंड पर समाप्त हुआ। जहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
कर्मचारी संगठनों के तत्वावधान में बुधवार को देवीलाल टाउन पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। जिसमें आशा वर्कर, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, क्रैच वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार सभा, भवन निर्माण कामगार यूनियन, स्वास्थ्य विभाग के कच्चे कर्मचारी, आरोही स्कूल के कच्चे कर्मचारी, वन मजदूर आदि ने हिस्सा लिया।
जुलूस पार्क से शुरू होकर महर्षि दयानंद चौक से पुराना जीटी रोड़ पहुंचा। यहां से सोहना मोड़, मीनार गेट होते हुए बस स्टैंड पर समाप्त हुआ। सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, बनवारी लाल, दरियाब सिंह, मुकेश, राजेश शर्मा व उर्मिला रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के मजदूरों व किसानों के खिलाफ हमलावर रुख अपना रखा है। देश में मार्च से पहले ही बेरोजगारी चरम पर थी। ऐसे में कोरोना काल में बिना तैयारी किए गए लॉकडाउन से बड़ी संख्या में रोजगार खत्म हो गए। वहीं परेशानी से घिरी जनता को राहत देने की बजाय केंद्र सरकार मजदूर, किसान, महिलाओं व आदिवासियों के अधिकारों को ही खत्म करने पर लगी हुई है। मजदूर संगठनों व कर्मचारी संघों के विरोध के बावजूद 44 कानूनों को खत्म करके चार लेबर कोड बिल लेकर आई, जो संसद में पास करा दिए गए।
प्रदर्शन के दौरान मांग की गई कि मजदूरों के हितों में बने कानूनों को कमजोर व निरस्त करने के निर्णय वापस लिए जाएं। किसानी से जुड़े 3 बिल किसान-विरोधी हैं। इन्हें खत्म किया जाए। रेलवे, कोयला, बैंक, बिजली, परिवहन जैसे क्षेत्रों में निजीकरण के उठाए गए कदमों का वापस लिया जाए।