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Palwal News: बिजली कर्मचारियों का धैर्य टूटा, मांगों के समर्थन में प्रदर्शन

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2 जुलाई को बिजली मंत्री और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के बाहर करेंगे प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन (सर्कल पलवल) के बैनर तले एससी सर्कल कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यूनियन के राज्य उपप्रधान राकेश बंचारी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) लागू करना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करना, कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, ऑनलाइन तबादला नीति समाप्त करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना तथा समान काम के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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राकेश बंचारी ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 25 और 26 जून को प्रदेशभर में डिवीजन स्तर पर धरने दिए गए थे। अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 2 जुलाई को अंबाला में बिजली मंत्री के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 जुलाई को कुरुक्षेत्र में जेल भरो आंदोलन आयोजित होगा, जबकि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मांगें नहीं मानी गईं तो 29 और 30 सितंबर को प्रदेशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल की जाएगी। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।


प्रदर्शन कर्मियों से बातचीत


बिजली कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। कर्मचारियों को जोखिम भत्ता, पुरानी पेंशन योजना, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और समान कार्य के लिए समान वेतन जैसी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
-विक्रम सागर, प्रधान, होडल यूनिट




बिजली कर्मचारी हर मौसम और हर परिस्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने का काम करते हैं। इसके बावजूद मांगें वर्षों से लंबित हैं। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करते हुए कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ऑनलाइन तबादला नीति समाप्त करने जैसे फैसले लेने चाहिए।
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-धीरेंद्र रावत, सब यूनिट सचिव




कर्मचारी केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें जल्द पूरा करना चाहिए। यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन द्वारा घोषित आगामी धरना, जेल भरो आंदोलन और हड़ताल में कर्मचारी पूरी मजबूती से भाग लेंगे।
-छोटेलाल, कैशियर, पलवल यूनिट
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