फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी कार्यालयों में नहीं है पीने का पानी

Wed, 20 Apr 2016 04:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
विज्ञापन
पानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अप्रैल माह में 41 डिग्री के पार जा रहा पारा कहर ढा रहा है। चैत्र के महीने में ही लोगों को ज्येष्ठ माह की गर्मी का अहसास हो रहा है। भीषण गर्मी, तेज धूप व गर्म लू के थपेड़े घरों से बाहर निकलने वालों को बेहाल कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन सरकारी कार्यालयों में शुद्ध पेयजल मयस्सर कराने में नाकाम साबित हो रहा है। 
विज्ञापन


आलम यह है कि सार्वजनिक स्थानों, चाहें वह बस अड्डा हो या सरकारी अस्पताल, पीने का शुद्ध पानी कहीं नहीं मिलता। कई स्थानों पर संबंधित विभागों ने वाटर कूलर भी लगाए हैं, लेकिन वह केवल दिखावटी ही साबित हो रहे हैं। 
शहर के जिलास्तरीय सिविल अस्पताल का हाल तो बद से बदतर है। स्वास्थ्य विभाग की हालत हमेशा से ही औरों को नसीहत खुद मियां फजीहत वाली रही है। पेयजल के मामले में भी ऐसा ही है।
विज्ञापन


अस्पताल में वाटर कूलर तो है, पर आरओ खराब है। अस्पताल में मौजूद लोग कहते हैं कि जहां वाटर कूलर है, वहां तेज दुर्गंध उठती है। मंगलवार को इसके चलते एक महिला तो पाइप लाइन से लीक हो रहे पानी से अपनी प्यास बुझाती दिखी। कुछ ऐसी ही हालत जिला सचिवालय की है, यहां भी लोगों को शुद्ध व ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। 

   बस स्टैंड जहां मुसाफिरों का हमेशा जमावड़ा रहता है, वहां वाटर कूलर तो लगा है, पर यहां का पानी खारा है। मजबूरीवश यात्री प्यास लगने पर भी इसे नहीं पी पाते। यही हाल रेलवे स्टेशन का है, रेलवे विभाग भी यहां पानी उपलब्ध कराने में नाकाम है, लेकिन जीआरपी चौकी के पास किसी सामाजिक संस्था ने मटके जरूर रखे थे। यात्री इसी ठंडे जल से प्यास बुझा रहे थे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें