संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। युवा साहित्यकार डॉ. दीपक मेवाती को हिंदी साहित्य के प्रति रूचि, साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में महती भूमिका निभाने पर बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी, आगरा (उत्तर प्रदेश) ने ''हिंदी रत्न सम्मान'' से अलंकृत किया है।
नूंह जिले के गांव सूंध से संबंध रखने वाले दीपक मेवाती पेशे से शिक्षक हैं एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोजका मेव में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दीपक मेवाती की अभी तक पांच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। ''बड़ा बेचैन सा हूं मैं'' का द्वितीय संस्करण इस वर्ष ही प्रकाशित हुआ था, जिसको पाठकों से बहुत प्रशंसा मिली। मेवाती काव्य-संगम, काव्य-सुरभि (साझा काव्य संग्रह) एवं जयप्रकाश वाल्मीकि की प्रतिनिधि कविताएं (काव्य संग्रह) का सफल संपादन कर चुके है एवं इनका एक अन्य एकल काव्य संग्रह सम्मान चाहिए भी प्रकाशित हो चुका है। मेवाती के लेख, शोध-पत्र, कविता, गजल, देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों में प्रकाशित होते रहते है। इससे पूर्व दीपक मेवाती पूर्वी दिल्ली नगर निगम (दक्षिणी क्षेत्र) शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विज्ञान आधारित स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता में दो बार सत्र (2012-13, 2014-2015) में प्रथम पुरस्कार, आदि कवि साहित्य धारा मंच, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा ''साहित्य श्री'' सम्मान 2018 और साहित्य चेतना मंच, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा ''''ओमप्रकाश वाल्मीकि स्मृति साहित्य सम्मान 2020'''' एवं विश्व हिंदी रचनाकार मंच द्वारा ''काव्य श्री सम्मान'' से भी सम्मानित हो चुके हैं। युवा कवि साहित्य चेतना मंच सहारनपुर (उप्र) के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की नूंह इकाई के संयोजक भी है।