विपिन सैनी
पलवल।
जिला नागरिक अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। अस्पताल के मुख्य गेट के समीप निजी वाहन, ई-रिक्शा और ऑटो खड़े रहने से मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि कई वाहन चालक अपने वाहन मुख्य द्वार के पास खड़े कर चले जाते हैं, जिससे अस्पताल में आने-जाने का रास्ता प्रभावित होता है।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब किसी गंभीर मरीज को लेकर एंबुलेंस अस्पताल पहुंचती है। मुख्य द्वार के आसपास वाहनों की भीड़ के कारण एंबुलेंस को रास्ता बनाने में समय लग जाता है। इससे आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के प्रवेश मार्ग पर इस तरह की अव्यवस्था चिंताजनक है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, ई-रिक्शा और ऑटो चालक भी सवारी की प्रतीक्षा में मुख्य गेट के आसपास काफी समय तक खड़े रहते हैं। इसके कारण अस्पताल परिसर के बाहर अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल के मुख्य द्वार के आसपास जगह निर्धारित कर नियमित निगरानी की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके और एंबुलेंस की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
कोट
अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर वाहनों के अनियंत्रित खड़े होने की शिकायतें मिली हैं। इस संबंध में यातायात पुलिस और संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा। अस्पताल आने वाले लोगों की सुविधा और एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही अस्पताल परिसर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी भी की जाएगी।
-डॉ. संजय शर्मा, डिप्टी सीएमओ, पलवल