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Palwal News: स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा जिला स्वास्थ्य विभाग, करीब 180 पद खाली

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03श्चड्डद्यश्च4- पलवल का जिला नागरिक अस्पताल।
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03श्चड्डद्यश्च5- नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा आसीयू वार्ड।
03श्चड्डद्यश्च6- डॉ.लोकवीर सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल
डिप्टी सिविल सर्जन से लेकर लैब टेक्नीशियन तक पद पड़े खाली
बार-बार लिखने के बावजूद नहीं मिला स्टाफ, मरीजों को नहीं मिल रहीं बेहतर सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। जिले के अंदर स्वास्थ्य कर्मियों के करीब 180 पद खाली पड़े हुए हैं। जिला सिविल सर्जन कार्यालय से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्टाफ की भारी कमी है। स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग लोगों को बेहतर सेवाएं देने के दावे को कारगर साबित नहीं कर पा रहा है। हालात यह हैं कि स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के चलते रोजाना 10-12 मरीजों को अन्य जिलों में रेफर कर दिया जाता है। स्टाफ की कमी के चलते आधुनिक संसाधन भी काम नहीं आ रहे हैं। स्टाफ न होने से अस्पताल में बनाया गया आईसीयू तीन माह बाद भी शुरू नहीं हो पाया है।
सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लाख दावे करती है, परंतु जिला स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। मरीज बेहतर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंचते हैं। घंटों ओपीडी की लाइन में लगकर पर्ची कटवाते हैं, परंतु चिकित्सक के न मिलने से मायूस होकर लौट जाते हैं। हालात यह हैं कि सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों के आपातकालीन वार्डों में भी स्टाफ की कमी है। दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को आपातकालीन स्थिति में दूसरे जिलों में रेफर करना पड़ता है। जिले के अंदर एक्स-रे करने के लिए 10 रेडियोग्राफर के पद हैं, जिनमें से नौ खाली पड़े हैं, जबकि एक को डेप्यूटेशन पर लगाया गया, जो पलवल व होडल दोनों जगह काम को संभाल रहा है।
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जिले के अंदर 100 बेड के जिला नागरिक अस्पताल के अलावा छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। होडल व हथीन उपमंडल अस्पताल के अलावा औरंगाबाद, अलावलपुर, सौंदहद, दूधौला, बड़ौली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हसनपुर, टप्पा, भुलवाना, दीघोट, रसूलपुर, अल्लीका, अमरपुर, सोलडा, सिहौल, कलसाडा, कोट, छायसा, उटावड़, मंडकोला शामिल है। ये केंद्र एक-एक स्टाफ नर्स व फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यदि एक कर्मचारी बीमार हो जाए तो उसे खोलने वाला भी कोई नहीं है।

जिला नागरिक अस्पताल में नवजात शिशुओं व बीमार बच्चों के लिए 16 बेड का आईसीयू बनाया गया है। यह आईसीयू तीन माह पहले फरवरी माह में ही तैयार कर लिया गया, परंतु स्टाफ की भारी कमी के चलते अभी तक आईसीयू को शुरू नहीं किया गया है। जानकारों की माने तो आईसीयू के लिए एक बेड पर एक स्टाफ नर्स का होना आवश्यक है। इसके अलावा हर शिफ्ट में एक प्रभारी होना चाहिए। अस्पताल में पहले स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते आईसीयू को शुरू नहीं किया गया है।
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पद का नाम कुल स्वीकृत पद खाली पड़े
डिप्टी सिविल सर्जन 8 4
सीनियर मैडीकल ऑफिसर 11 9 मैडीकल ऑफिसर 126 21
फार्मासिस्ट 38 21
स्टाफ नर्स 131 43
चीफ फार्मासिस्ट 1 1 सीनीयर फार्मासिस्ट 1 1
फार्मासिस्ट 40 22
लैब टैक्नीशियन 43 24
रेडियोग्राफर 10 9
स्टेनो 10 10
क्लर्क 33 20
असिस्टेंट अकाउंटेंट 20 15
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जिला स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए समय-समय पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाता है। अब पूरे जिले में खाली पड़े स्वास्थ्य कर्मियों की सूची बनाकर भेजी गई है। आश्वासन मिला है कि जल्द ही खाली पदों को भरा जाएगा। - डॉ. लोकवीर सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल
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