पलवल। विश्व भर में बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों के लिए बचाव की एडवाइजरी जारी की है। साथ ही इसके लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए हैं। वहीं पिछले महीने 12 फरवरी को चीन से पलवल लौटे छह लोगों को अभी भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी निगरानी में रखा हुआ है। उनकी प्रतिदिन विभाग द्वारा जांच की जा रही है तथा रक्त के सैंपल लिए जा रहे हैं। चीन से लौटे उन सभी छह लोगों को उन्हीं के घरों में एक कमरे के अंदर रखा हुआ है। उन्हें 14 मार्च तक विभाग की निगरानी में रखा जाएगा, क्योंकि विभाग का मानना है कि प्रभावित देशों से लौटकर आ रहे लोगों में 28 दिन के अंदर तक कोरोना वायरस का प्रभाव आ सकता है। ऐसे में उन्हें व उनके पूरे परिवार के लोगों को निगरानी में रखा जा रहा है। उनके खानपान पर भी पूरी नजर रखी जा रही है। इतना ही नहीं उन लोगों के आसपास रहने वाले लोगों को विभाग द्वारा जागरूक किया जा रहा है।
इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी कोई समस्या हो तो आप स्वास्थ्य विभाग पलवल के हेल्प लाइन नंबर 01275-240022 अथवा 8950094663 पर कॉल करें। बताया गया है कि लैंडलाइन पर सुबह 9 से शाम साढे़ पांच बजे तक तथा मोबाइल नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। इन नंबरों पर कॉल करने पर फोन जरूर उठाया जाएगा।
सावधानी बरतें विदेश से आने वाले लोग
यदि कोई व्यक्ति पिछले 15 दिनों में चीन या किसी अन्य ऐसे देश से आया है या कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में था तो वह 14 दिनों के लिए सबके साथ संपर्क सीमित रखे और अलग कमरे में सोए। छींकते और खांसते समय नाक और मुंह को ढकें, कपड़ा रखें। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं और जिस व्यक्ति को खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण हों, उससे दूरी बनाए रखें। कोरोना वायरस एक नई बीमारी है जोकि आजकल चीन में फैल रही है और अन्य देशों को भी प्रभावित कर रही है। यह एक फ्लू जैसी बीमारी है जिसके लक्षण खांसी, बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने किए पुख्ता प्रबंध: डॉ. ब्रह्मदीप
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि जिला में पर्याप्त संख्या में एन95 मास्क, ट्रिपल मास्क, वीटीएल मास्क, पीपीई किट आदि उपलब्ध हैं और रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है जो तत्परता से कार्य करेगी। यही नहीं, जिला के नागरिक अस्पताल में भी इसके लिए अलग से वार्ड बनाकर 7 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि तीन निजी अस्पतालों जिनमें गुरुनानक हॉस्पिटल (चार बेड), अपेक्स हॉस्पिटल व पलवल हॉस्पिटल (2-2 बेड) की पहचान की गई है। इन अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमण का संदेह वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड तथा वेंटिलेटर (गुरुनानक हॉस्पिटल 3 वेंटिलेटर) आदि की व्यवस्था है। जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा सूचीबद्ध कर लिया गया है। इन अस्पतालों में 15 तथा 3 वेंटिलेटरों की व्यवस्था है। इसके अलावा, चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने की ट्रेनिंग भी दी गई है। प्राईवेट अस्पतालों को भी एडवाइजरी भेजी गई है।
जिला प्रशासन है पूरी तरह से गंभीर: उपायुक्त
उपायुक्त नरेश नरवाल का कहना है कि कोराना वायरस संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है और इससे बचाव के बारे में लोगों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पलवल जिला में विदेश से आने वाले लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
सूचना के लिए डीसी ऑफिस में बना कंट्रोल रूम
पलवल। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय व उपायुक्त कैंप कार्यालय में बुधवार से कंट्रोल रूम बना दिया गया है। उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि इन दोनों कंट्रोल रूम पर कोराना वायरस से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी उपायुक्त कार्यालय के नंबर 01275-298051 व कैंप कार्यालय के नंबर 01275-248901 पर भी दी जा सकती है। यह जानकारी उपायुक्त ने अधिकारियों की बुधवार को हुई बैठक में दी।
फरीदाबाद व दिल्ली में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के मिलने व पलवल जिले में प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के बाद जिले के मेडिकल स्टोरों पर डिटॉल सहित अन्य हैंडवाश व मास्क की कमी आनी शुरू हो गई है। बुधवार को जिले में अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर डिटॉल हैंडवॉश व मास्क कम दिखाई दिए। दवाइयों के एक थोक विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले में कुछ दुकानदारों ने स्टॉक स्टोरों से हटा दिया है। पहले की तुलना में कम दिखाई दे रहा है। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के बाद इसका असर हुआ है। हालांकि अभी दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है, लेकिन फिलहाल स्टॉक कम होने की सूचनाएं आने लगी हैं। उधर जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रहमदीप का कहना है कि जिले में सभी मेडिकल स्टोर संचालकों व निजी अस्पतालों के संचालकों को भी निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपने यहां पर हैंडवॉश व फेस मास्क का पूरा इंतजाम रखें। लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक एमआरपी से ज्यादा में इन्हें बेचता है तो उसकी शिकायत तुरंत करें।