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Palwal News: सात लाख रुपये महीना खर्च के बावजूद भी शहर की हालत गांवों से भी बदतर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हथीन। पिछले कई महीने से हथीन शहर की सफाई व्यवस्था ठप होकर रह गई है। सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। लगभग सात लाख रुपये प्रतिमाह सफाई के नाम पर नगरपालिका प्रशासन द्वारा खर्च करने के बावजूद भी स्थिति यह बनी हुई है कि शहर के सभी 13 वार्डों में शायद ही कोई गली - मोहल्ला ऐसा होगा, जहां पर जगह - जगह गंदगी व कूड़ा-करकट के ढेर न लगे हों। नालियों की नियमित रूप से सफाई न होने के कारण नालियां भी गंदगी से अटी पड़ी हैं। नगरपालिका प्रशासन ने शहर की साफ-सफाई के लिए 23 कर्मचारी रखे हुए हैं , जोकि आबादी के हिसाब से काफी कम हैं। इसके अतिरिक्त डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए एक निजी कंपनी को लगभग 83 लाख रुपये का ठेका दिया हुआ है, लेकिन ठेकेदार द्वारा डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली लगाई गाड़ियां न तो पर्याप्त मात्रा में हैं और जो भी हैं वे भी महीने में ज्यादा से ज्यादा मात्र 8 -10 दिन ही चलती हैं, जोकि अपने कार्य को नियमानुसार नहीं कर रही हैं। शहर के 13 वार्डों की अधिकतर गलियों में गाड़ी जाती ही नहीं हैं और जो थोड़ा बहुत कहीं जाती हैं तो कूड़ा-करकट को निर्धारित स्थान पर न डालकर इधर-उधर कूड़ा खाली करके गंदगी को और बढ़ावा दे रही हैं।
यूं कहना भी उचित रहेगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी अधिकतर कूड़े को निर्धारित स्थान पर न डालकर खिड़की दरवाजे वाले रास्ते के पास खाली पड़ी जमीन को, जिसे बाग के नाम से जाना जाता है, वहां पर डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि उक्त जगह नगरपालिका कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर ही है। इसके बावजूद पालिका प्रशासन द्वारा उक्त गंदगी के ढेरों की तरफ से मूकदर्शक बना हुआ है। सरकारी अस्पताल और दादा गुलाब शाह चौक से खिड़की दरवाजा वाला रास्ता मुख्य बाजार को जोड़ता है। इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोगों का बाजार में आवागमन होता है। इसके अतिरिक्त गढी मोहल्ला में मस्जिद वाले रोड के निकट , जैन मंदिर के सामने , रींडका रोड पर माता के निकट आदि स्थानों पर कूड़ा-करकट के ढेर कभी भी देखे जा सकते हैं। कूड़ा-करकट व गंदगी के ढेर से उठने वाली दुर्गंध से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। शिकायतें करने पर पालिका प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन से कूड़े के ढेर को उठवा दिया जाता है।
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नगरपालिका कार्यालय के बिल्कुल सामने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। जिसकी दक्षिण दिशा की चहारदीवारी खाली पड़ी जगह (बाग) से सटी हुई है, वहीं पर डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी दिनदहाड़े कूड़ा डालती रहती हैं। कुछ समय पूर्व हथीन के उपमंडल अधिकारी नागरिक एवं नगरपालिका प्रशासक लक्ष्मीनारायण राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए आए थे तो उस समय विद्यालय के प्रिंसिपल व अध्यापकों ने स्कूल के साथ चहारदीवारी के पास डाले गए कूड़ा-करकट व गंदगी के ढेर दिखाते हुए कहा था कि इसकी बदबू के कारण छात्राओं व अध्यापकों एवं आमजन को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है व बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। उस समय प्रशासक लक्ष्मीनारायण ने नगर पालिका के बिल्डिंग इंस्पेक्टर चमनलाल को अविलंब वहां से कूड़ा-करकट व गंदगी उठवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन चंद दिनों बाद फिर से वहां पर कूडा डालना आरंभ कर दिया।
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खिड़की दरवाजे वाली जोहड़ के साथ खाली पड़ी जमीन (बाग) में सबसे ज्यादा कूड़ा-करकट के ढेर लगे हुए हैं। उक्त कूड़ा-करकट के ढेर भी डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों द्वारा व पालिका प्रशासन के सफाई कर्मचारियों द्वारा हाथ रेहड़ियों द्वारा डालकर लगाए गए हैं। जब ज्यादा कूड़ा-करकट हो जाता है तो यदा कदा उसमें आग भी लगा दी जाती है। जिसके धुएं से आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। पालिका सचिव देवेंद्र कुमार के संज्ञान में जब भी वहां पड़े कूड़ा-करकट में आग लगाए जाने का मामला प्रकाश में लाया गया, उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ी को मौके पर भेजकर आग को बुझाया, लेकिन इसके बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि किसान अपने खेतों में पराली जलाए तो उस बेचारे पर जुर्माना कर दिया जाता है और जो कूड़ा-करकट के ढेर में आग लगाए, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। नगरपालिका प्रशासन द्वारा तंग गलियों जहां पर डोर टू डोर कूडा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंच पाती, इसके लिए हाथ रेहड़ी भी मंगवाकर सफाई कर्मचारियों को दी हुई हैं, लेकिन जिन सफाई कर्मचारियों को उक्त हाथ रेहड़ी दी हुई हैं, उनमें से अनेक अपने निजी कार्य यानि कि जिनके घरों में निजी रूप सफाई के लिए लगे हुए हैं, केवल उनका ही कूड़ा उठाने का काम करते हैं। यानी सरकारी रेहड़ी का अपने निजी कार्य के लिए ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन द्वारा प्रत्येक प्रोपर्टी मालिक से चाहे उसका मकान-दुकान हो अथवा खाली प्लाट डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क 600 रुपये सालाना वसूल कर रही है। इस संदर्भ में नगरपालिका सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें इस बारे में शिकायतें मिली हैं। जिन पर संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को नोटिस भेजे गए हैं। वहीं हथीन के उपमंडल अधिकारी एवं नगरपालिका प्रशासक लक्ष्मीनारायण से इस संदर्भ में पूछा तो उन्होंने बताया कि हां शहर की साफ-सफाई व डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसके लिए ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। अभी तक ठेकेदार को केवल तीन महीने की पेमेंट की गई है, यदि ठेकेदार ने लापरवाही बरती और नियमानुसार कार्य आरंभ नहीं कराया तो उसकी शेष पेमेंट रोक दी जाएगी और उसका ठेका रद्द करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी तथा उसके खिलाफ नियमानुसार जुर्माना आदि की कार्रवाई की जाएगी।
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