डेंगू के रोगी लगातार सामने आ रहे हैं। नीलम विहार में एक स्कूली छात्र के इसकी चपेट में आने के चलते उसे रेवाड़ी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि क्षेत्र के तीन अन्य मरीजों को डेंगू होने के संदेह में एक निजी चिकित्सक ने शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया।
स्वास्थ्य विभाग लगातार मेवात जिले में डेंगू के मरीज नहीं होने की बात कह रहा है। इसके बावजूद ऐसे मरीजों की निजी चिकित्सकों के यहां भीड़ लग रही है। यहां मलेरिया भी जोरों पर है। वार्ड-चार के नीलम विहार के कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके 15 वर्षीय बेटे उमेश कुमार की प्लेटलेट्स निरंतर गिरने पर रेवाड़ी के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसकी हालत में अभी भी खास सुधार नहीं हुआ है।
इसी वार्ड के ऋषि गोयल, धर्मबीर सिंह, पूर्व पार्षद राकेश जिंदल, ओम जिंदल, सुनील कुमार, सुभाष तनेजा, रामनारायण तनेजा का कहना है कि जल भराव के चलते भरपूर मच्छर पनप रहे हैं।
जिससे बीमारियों के बढ़ने का खतरा है। पार्षद राजकुमार मित्तल ने कहा कि पालिका में स्टाफ की कमी से गंदगी और जल भराव की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। सीएमओ डॉ. बीके राजौरा ने बताया कि जनपद में अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। मौसम में बदलाव सेे मलेरिया के रोगियों में भी कमी आई है।