फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन को तेज करने की रणनीति तैयार

विज्ञापन
पलवल में किसानों का धरना - फोटो : Palwal
विज्ञापन
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इस दौरान आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति तैयार की गई। इसके अलावा मथुरा से शुक्रवार को शुरू होने वाली किसानों की पदयात्रा के स्वागत के लिए भी तैयारियां की गई। गांव मीतरौल में पदयात्रा में शामिल किसानों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, फरीदाबाद के दयालपुर में आयोजित महापंचायत में भी पलवल के किसान शामिल हुए।
विज्ञापन

किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहां चौक पर चल रहे धरने की अध्यक्षता इंदर सिंह रावत ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। धरने पर वक्ताओं ने किसानों में जोश भरने का काम किया। रोडवेज यूनियन के राज्य प्रधान दलबीर सिंह किरमारा ने कहा कि भाजपा सरकार सभी विभागों का निजीकरण करने में लगी है। रेल व हवाई जहाज को बेचने के बाद रोडवेज को भी सरकार निजी हाथों में सौंपना चाहती है। नई भर्ती करने की बजाय सरकार कर्मचारियों को हटाने में लगी है, जिससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों के भत्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सरकार कृषि कानूनों के जरिये छोटे किसान को खत्म करना चाहती है।
किसान सभा के प्रदेश स्तर के नेता डॉ. बीरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। किसान आंदोलन से सरकार हिली हुई है। सत्तापक्ष के नेताओं में किसानों का सामना करने की हिम्मत नहीं है। भाजपा सरकार ने कृषि कानूनों को लाकर किसानों के साथ अन्याय किया है। बजट में प्रदेश के किसानों को कुछ नहीं दिया गया। सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों के लिए कार्य कर रही है। धरने को मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, रूपराम तेवतिया, किसान सभा के प्रधान धर्मचंद घुघेरा, राजेंद्र सिंह घर्रोट, अच्छेलाल जोधपुर, हुकम सिंह अटोहां, इंद्रजीत अंधोप, रणजीत सिंह आर्य, हरप्रसाद महाशय, ब्रह्म सिंह फोरमैन, बीर सिंह औरंगाबाद, ऋषिपाल चौहान व राहुल तंवर ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें