संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के मनोविज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान विभाग की ओर से तंत्रिका विकास संबंधी विकार, ऑटिज्म एवं अतिसक्रियता विकार (एडीएचडी) विषय पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की गई। इसका उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने किया। कुलसचिव ने कहा कि मनोविज्ञान एक गहन विषय है और इस तरह की कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को विषय का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। डीन डॉ. सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों के अनुभवों से रूबरू कराकर उनके व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाना है।
कार्यशाला में रोहतक पीजीआईएमएस स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की निदेशक डॉ. सुजाता सेठी मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने बच्चों में ऑटिज्म और एडीएचडी के प्रारंभिक लक्षणों, पहचान, उपचार की चुनौतियों और चिकित्सीय हस्तक्षेप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय रहते लक्षणों की पहचान होने पर उचित उपचार से बच्चों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाया जा सकता है।
इस दौरान डॉ. जोगिंदर सिंह और डॉ. इरा ने भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बच्चों में व्यवहार संबंधी चुनौतियों और उनके प्रभावी प्रबंधन के तरीकों पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शिव कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग की डॉ. गुरप्रीत कौर, जया कौशिक, अंजु, शैफाली, कोमल और कमल मौजूद रहे।