डेढ़ घंटे में महिला सहित छह लोगों की हत्या के दोषी को फांसी की सजा
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पलवल में 1 जनवरी 2018 को साइको किलर नरेश धनखड़ ने दिया था वारदात को अंजाम, फैसला सुनाने के बाद अदालत में रोने लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पांच साल पहले डेढ़ घंटे के भीतर एक महिला सहित छह लोगों की हत्या करने वाले साइको किलर नरेश धनखड़ को अदालत ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश प्रशात राणा के फैसला सुनाते ही धनखड़ कोर्ट में रोने लगा।
ओमेक्स सिटी निवासी सिंचाई विभाग के एसडीओ नरेश धनखड़ ने 1 जनवरी 2018 की रात ढाई बजे के करीब घर से निकलकर एक महिला सहित छह लोगों की रॉड से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। दोषी ने वारदात को अंजाम देने के बाद आदर्श कालोनी में जाकर अपनी पत्नी व बेटे की भी हत्या की कोशिश की। लेकिन मौके पर पुलिस ने पहुंचकर उसे दबोच लिया। इस दौरान पुलिस वाले भी जख्मी हो गए थे। इससे पहले 18 मार्च को उसे अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 21 मार्च की तारीख तय की थी। कोर्ट ने दोषी को इस सजा पर उच्च न्यायालय में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है।
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद सिंचाई विभाग में एसडीओ बना था धनखड़
फरीदाबाद के गांव मछगर निवासी नरेश धनखड़ 1999 में सेना में बतौर लेफ्टीनेंट भर्ती हुआ था। 2003 में मेडिकल ग्राउंड के आधार पर उसने सेना से सेवानिवृत्ति ले ली और सिंचाई विभाग में एसडीओ नियुक्त हो गया।
पत्नी व बेटे की हत्या करना चाहता था
साइको किलर नरेशन धनखड़ की शादी 2010 में जवां गांव निवासी सीमा से हुई थी। 2018 में उसका 8 साल का एक बेटा था। उसकी पत्नी व बेटा विवाद के चलते उससे अलग अपने पिता के पास पलवल में आदर्श कालोनी में रहते थे। नरेश धनखड़ ओमेक्स सिटी में अलग रहता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीमा ने बताया था कि धनखड़ उसकी और उसके बेटे की हत्या करना चाहता था। उससे बचने के लिए वह अपने बेटे को लेकर अपने पिता के साथ रहने लगी थी।
दिमागी हालत ठीक नहीं होने का दिया हवाला
मृतक सीताराम के वकील नासिर खान ने अदालत से नरेश धनखड़ के लिए फांसी की सजा की मांग की। जबकि नरेश धनखड़ के वकील केके गुप्ता ने उसकी दिमागी हालत ठीक न होने की बात कहकर बचाव की अपील की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने शाम तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। शाम करीब पौने पांच बजे अदालत ने धनखड़ को फांसी की सजा सुना दी।
धनखड़ से नहीं मिली पत्नी
धनखड़ की पत्नी सीमा भी फैसले की जानकारी लेने के लिए अदालत पहुंच गई, लेकिन वह कोर्ट के बाहर दूसरी जगह बैठी रही। फैसला आते ही वह चली गईं। उन्होंने अपने पति नरेश धनखड़ से मिलने की कोशिश ही नहीं की।