घने कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
होडल। उपमंडल में पिछले तीन दिनों से चल रही शीतलहर के बाद बृहस्पतिवार को सुबह से ही कोहरे की चादर छाई रही। एक ओर जहां ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं दृश्यता कम होने से वाहनों की रफ्तार भी थमी रही। चालकों को हेडलाइटों का भी सहारा लेना पड़ा।
ठंड और कोहरे के कारण लोगों को अपने कार्यालयों तक पहुंचने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं काफी लोग अलाव का सहारा लेकर बचाव करते रहे। हालांकि पशुपालक पशुओं को सर्दी के प्रकोप से बचाने के लिए गुड़, तेल, बाजरे का दलिया, बिनौला आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को हुई। दृश्यता नाममात्र रही। जिसकी वजह से आधे घंटे का सफर भी एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो सका। हालांकि दोपहर बाद धूप निकली और कोहरा हटने से लोगों ने थोड़ी राहत ली। वहीं किसानों ने इस कोहरे को फसलों के लिए काफी लाभदायक बताया है।