फोटो 19 में है कैप्शन: बारिश के बाद खेतों में भरा पानी
तापमान में आई गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। गांव सौन्दहद, डाड़का, बोराका, लोहिना सहित दर्जनों गांवों में 10 से 16 मिनट हुई ओलावृष्टि से किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों के अनुसार, ओलावृष्टि में उनकी कपास व सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। 10 मिनट तक तो बारिश के साथ चने के आकार के ओले पड़े। इसके 10 मिनट बाद ही बिना बारिश के सूखे मोटे ओले गिरे। जिससे न केवल मानव बल्कि असहाय पशुओं को भी ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ी। बारिश के बाद तापमान में भी करीब 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने 5 से 10 एमएम बरसात होने तथा आगामी दो दिन तक मौसम परिवर्तनशील ही रहने का अनुमान जताया है।
रविवार की दोपहर बाद ही मौसम ने तेजी से करवट बदली। आसमान में काली घटाओं की आवाजाही बढ़ गई। देखते ही देखते करीब एक बजे बूंदाबांदी शुरु हो गई। बूंदे मोटी होने के कारण लोगों ने संभावना जता दी थी कि ओलावृष्टि आ सकती है। किसानों का कहना था कि बारिश में ओलावृष्टि से कपास व सब्जी की फसलों में नुकसान हुआ है, जबकि अब खाली पड़े खेतों की जुताई का काम अच्छे ढंग से हो जाएगा। पिछले दिनों से मौसम के परिवर्तनशील होने के चलते लगातार फसलों की बिजाई व कटई में परेशानी आ रही है।
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5 डिग्री गिरा तापमान, गर्मी से मिली राहत
मौसम विशेषज्ञ महावीर मलिक ने बताया कि मौसस एक दो दिन तक परिवर्तनशील रहेगा। गरज, तेज हवा के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने का भी अनुमान है। मौसम परिवर्तन के कारण तापमान में हल्की गिरावट भी आई है। क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रहा।