चांदहट थाना पुलिस ने एक दंपति के खिलाफ युवक को घर में बंधक बनाकर घरेलू काम करवाने का केस दर्ज किया है। दिल्ली की एनजीओ बचपन बचाओ व जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने गांव अमरपुर के एक घर से युवक को रिहा कराया। उसे करीब दो पूर्व दिल्ली से नौकरी का झांसा देकर लाया गया था।
कालका जी (दिल्ली) निवासी बचपन बचाओ एनजीओ चलाने वाले रिजवान अली के अनुसार कि उन्हें सूचना मिली थी कि बिहार के जिला कासगंज के गांव हुलहुली निवासी कृष्णा को दो वर्ष से पलवल जिले के गांव अमरपुर में बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया है। किशोर को एक दंपति नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाया था। सूचना मिलने पर उन्होंने पलवल की जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुरेखा डागर को इस बात की जानकारी दी।
सुरेखा डागर के अनुसार सूचना मिलने पर उन्होंने एसपी राजेश दुग्गल को जानकारी देकर एक टीम का गठन किया। टीम ने शुक्रवार को गांव अमरपुर में बताए गए मकान में छापामारी कर किशोर को बरामद कर लिया। इस मामले में गृह स्वामी अरूण लांबा व उनकी पत्नी ममता लांबा के खिलाफ बंधुआ मजदूरी कराने संबंधी धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। बता दें कि समाचार लिखे जाने तक आरोपी दंपति को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।