सरकार के भ्रष्टाचार को खत्म करने के दावों की पोल उस समय खुल गई, जब राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा द्वारा सीएम विंडो पर जिस अधिकारी की शिकायत की गई, उसी अधिकारी को उसकी स्वयं की शिकायत की जांच करने की जिम्मेदारी दे दी गई। सीएम विंडो पर की जाने वाली शिकायतों को भी सरकार कितनी गंभीरता से ले रही है, इसका खुलासा भी इस शिकायत के बाद स्पष्ट हो गया है। सीएम विंडो पर दी गई शिकायत का कोई हल न निकलने व आरोपी अधिकारी को ही जांच करने का अधिकार मिलने पर आर्य क्षत्रिय सभा अब इस मुद्दे पर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेेगी।
राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा के जिलाध्यक्ष गजराज आर्य ने 24 अप्रैल को जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त सुमन सिंधू के रवैये के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत की थी। इसका शिकायत नंबर 043996 था। अब इस शिकायत की जांच खुद आयुक्त सुमन सिंधू को करने और उसकी रिपोर्ट जल्द देने के आदेश दिए गए हैं।
गजराज आर्य ने बताया कि उन्होंने हथीन शहर में खोले गए शराब ठेकों के खिलाफ नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त सुमन सिंधू से की थी। सुमन सिंधू स्वयं जांच के लिए आईं, परंतु उन्होंने शिकायत में दिए गए तथ्यों के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने आयुक्त की शिकायत सीएम विंडो पर कर दी। गजराज के अनुसार आश्चर्यजनक बात यह रही कि सीएम विंडो से आई इस शिकायत की जांच का जिम्मा इन्हीं अधिकारी को सौंपा गया है। उन्होंने मांग की है कि उनकी शिकायत की जांच सिविल अधिकारी करें।