भंगूरी गांव के लक्ष्मण एवं कलसाडा गांव के सुभाष को हथीन थाना पुलिस ने नियोजित ढंग से कार्रवाई करके बंधक बनाने वालों से मुक्त करा लिया है। रविवार को दोनों की सुरक्षित रिहाई होने के बाद एक ओर जहां एक ओर पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं परिवारजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर संतोष प्रकट किया है। परिजनों ने इस मामले में अपहरण का केस दर्ज हथीन थाने में दर्ज कराया था लेकिन यह मामला हनीट्रैप का निकला।
हथीन थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने ने बताया कि दोनों की रिहाई फिरोजपुर झिरका के गांव हिंजनपुर से हुई है। दोनों की बरामदगी इस गांव के इस्लाम के घर से हुई। रिहाई के बाद रहस्य खुला है कि उक्त दोनों को महिलाओं द्वारा मीठी-मीठी बातें करके बुलाया गया था और वहां उन्हें बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं और पीट-पीटकर फिरौती की मांग को लेकर फोन कराए गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों की गर्दन पर पैर रखकर परिजनों को फोन कराए जाते थे।
रिहा हुए लक्ष्मण और सुभाष की स्थिति बेहतर नहीं है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके शरीर पर चोटों के भी निशान हैं। एसएचओ ने बताया कि दोनों के बयानों के आधार पर इस्लाम, उसके परिजनों एवं महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक हनी ट्रैप का यह मामला उक्त गांव में लंबे अरसे से चल रहा था।
सूत्रों के मुताबिक हनी ट्रैप में इस तरह फंसे लोगों के परिजन चुपचाप कथित फिरौती की रकम अदा करके अपने-अपने रिश्तेदारों को वापस ले जाते थे लेकिन हथीन थाना पुलिस के प्रयासों के चलते हनी ट्रैप का यह खेल खुल गया। एसएचओ ने बताया कि आरोपियों के नाम पता करके सभी को अरेस्ट करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसमें देर शाम पुलिस ने इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। बाकी की जांच जारी है।