जेल में बंद रहते हुए अपने साथियों से व्यापारियों को फोन कर रंगदारी मांगने वाले बदमाशों के एक और साथी को पुलिस की अपराध जांच शाखा ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश नीमका जेल में बंद बेढ़ा निवासी हर्रो उर्फ हरेंद्र का चचेरा भाई है। पुलिस ने उक्त बदमाश को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर दे दिया है।
जेलों में बैठकर रंगदारी मांगने वाले बदमाशों के साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने सर्च अभियान चलाया है। इसी के तहत पुलिस ने गत दिनों जगजीवन राम चौक पर एक कपड़ा व्यापारी से 25 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार व्यापारी के फोन पर बेढ़ा पट्टी निवासी महीपाल उर्फ पाला का फोन आया। उसने बताया कि महीपाल ने नरेश से अपने मालिक से बात कराने की बात कही।
जब सुभाष ने नरेश के फोन से बात की तो महीपाल ने 25 लाख रुपये रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
उन्होंने बताया कि सुभाष के शिकायत पर थाना पुलिस ने दो दिन पहले महीपाल के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज किया था, जिसे पुलिस ने हसनपुर चौक के पास से धर दबोचा। सीआईए इंचार्ज नानक चंद ने बताया कि चार अप्रैल को जगजीवन राम चौक के निकट रंगदारी न देने पर गोली चलाने वाले आरोपियों की मद्द करने में महीपाल भी उनके साथ शामिल था। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने जो बाइक इस्तेमाल की थी वह महीपाल की थी। सीआईए ने बताया कि पकड़े गए बदमाश महीपाल को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।