पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद भी क्षेत्र में गोतस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोतस्कर आए दिन क्षेत्र से गायों ले जाते हैं। देर रात गढी पट्टी के पास गोतस्कर नाका लगाकर बैठे गोरक्षकों पर फायरिंग कर दो गाय ले भागे। घटना की सूचना मिलते ही गोरक्षा दल के अध्यक्ष भगत सिंह रावत पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गोतस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
गोरक्षा दल के अध्यक्ष भगत सिंह रावत ने बताया कि गढी पट्टी के गोरक्षकों को सूचना मिली कि कुछ लोग नाले के रास्ते पैदल दो गाय को लेकर मेवात की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही गोरक्षकों ने नाके के निकट नाका लगा दिया। जैसे ही गोतस्कर गायों को लेकर नाके पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों को देख वे गायों को लेकर जंगल की ओर भागने लगे। जब गोरक्षकों ने उनका पीछा किया तो गोतस्करों ने उन पर फायर कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही भगत सिंह रावत पुलिस बल लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन तब तक गोतस्कर फरार हो चुके थे।
मेवात सीम पर मुस्तौदी की मांग
गोरक्षा दल के अध्यक्ष रावत ने कहा कि क्षेत्र में गोतस्करी की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए जिला पुलिस प्रशासन को अलग से हथियारों के साथ पुलिसकर्मी मेवात से लगती सीमाओं पर तैनात करने चाहिए।