गांव गौडोता के बुजुर्ग पिछले तीन महीने से पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। मंगलवार को उनका रोष उभर कर सामने आ गया तथा उन्होंने होडल डाकघर में पहुंचकर जमकर बवाल काटा। पेंशन धारकों ने यहां डाकघर अधिकारी व पेंशन वितरण करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
गांव गौडोता के पेंशनधारक पिछले तीन महीने से बुढ़ापा, विधवा व विकलांग पेंशन न मिलने से परेशान हैं। मंगलवार को वह ट्रैक्टरों में भरकर अनाज मंडी स्थित डाकघर कार्यालय पहुंचे। डाकघर में तैनात अधिकारी व कर्मचारियों के गलत रवैये को देखते हुए ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने यहां अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और डाकघर का घेराव किया।
पेंशन धारक रामवती, प्रेमवती, प्रकाश, मोहनराम व नत्थी आदि का कहना था कि उन्हें पिछले तीन महीने से पेंशन नहीं मिल रही है। उन्हें पेंशन के लिए बार-बार इधर-उधर के धक्के खाने पड़ रहे हैं। पेंशन वितरण अधिकारियों की ओर से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप था कि जानबूझकर उन्हें पेंशन नहीं बांटी जा रही है। पेंशन धारकों ने आरोप लगाया कि पेंशन वितरित करने कर्मचारी उनकी पेंशन को हड़पने की फिराक में हैं।
बाद में गुस्साए ग्रामीणों को देख डाकघर के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर उन्हें उनकी पेंशन मिल जाएगी। अधिकारी के आश्वासन के बाद ही पेंशन धारकों का गुस्सा शांत हुआ।