संजय कालोनी की मस्जिद के बाहर बृहस्पतिवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने फायरिंग कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
समुदाय विशेष के लोगों का आरोप है कि मस्जिद के बाहर गोली बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाई गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड संजय कालोनी निवासी ईशा पुत्र फारुक बृहस्पतिवार की देर रात को हाउसिंग बोर्ड कालोनी की मार्केट में दवा लेने गया था। उसी समय कुछ युवक बाइकों पर सवार होकर आए और ईशा का पीछा करने लगे, जिस पर वह वहां से भाग गया।
आरोप है कि बाद में करीब साढ़े 10 बजे कुछ युवक वहां आए तथा मस्जिद के बाहर फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर कालोनी के लोग मौके पर एकत्र हो गए जिन्हें देखकर आरोपी भाग निकले।
मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष यूनुस अहमद ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ता क्षेत्र में माहौल खराब करना चाहते हैं। उनके अनुसार एक आरोपी को बाइक सहित पकड़कर पुलिस को सौंपा गया था, जिसे बाद में पुलिस ने छोड़ दिया।
वहीं बजरंग दल के वरिष्ठ नेता और गोरक्षा दल के प्रांतीय प्रमुख मुनीष भारद्वाज एड़वोकेट ने कहा है कि आरोप बेबुनियाद है। उनके अनुसार उन्हें पता चला है कि वहां दो पक्षों में आपसी विवाद हुआ था, जिस कारण फायरिंग हुई होगी। बजरंग दल में असमाजिक तत्वों का कोई स्थान नहीं है।
वहीं शहर थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना है कि किसी को भी ना तो अभी तक पुलिस ने पकड़ा है और ना ही किसी ने पुलिस को किसी आरोपी को सौंपा था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।