गदपुरी पुलिस चौकी प्रभारी (सहायक उपनिरीक्षक) रणवीर सिंह मलिक को बुधवार को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। मलिक के खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज ने मुकदमा दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार कराया। मलिक के खिलाफ एक ट्रक चोरी के मामले में फंसे आरोपी को केस से बाहर निकालने की एवज में ढाई लाख रुपये रिश्वत लेने तथा और सात लाख रुपये की और मांग करने का आरोप है। इस मामले में जांच के बाद दोषी पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
दिसंबर 2016 में सरियों से भरा एक ट्रक गायब हुआ था। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 407,420,467,468 व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में से राकेश नामक आरोपी को निकालने की एवज में गदपुरी पुलिस चौकी प्रभारी रणवीर सिंह मलिक ने आरोपियों से ढाई लाख रुपये की रिश्वत ली थी। इसके बाद भी नाम नहीं निकाला और सात लाख रुपये की मांग और कर रहा था। चौकी इंचार्ज की इस मांग से तंग आकर राकेश के साले पंकज ने इसकी शिकायत पंचकूला गुप्तचर विभाग व जिला पुलिस अधीक्षक से की। शिकायत मिलने के बाद एसपी सुलोचना गजराज ने इसकी जांच डीएसपी अभिमन्यु लोहान को सौंप दी।
बाद में डीएसपी अभिमन्यु ने जब मामले की गहनता से जांच की तो जांच में गदपुरी चौकी प्रभारी रणबीर सिंह शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने का दोषी पाया गया। जांच करने के बाद डीएसपी ने रिपोर्ट एसपी को सौंप दी। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद एसपी ने बुधवार को चौकी प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराकर तुरंत गिरफ्तार करवा दिया। इसके साथ ही एसपी ने तुरंत प्रभाव से चौकी प्रभारी को निलंबित कर रिपोर्ट भी वरिष्ठ अधिकारियों को भिजवा दी है।